
Neck Circumference Test (PHOTO- FREEPIK)
Neck Circumference Test: आजकल मेडिकल साइंस इतनी आगे बढ़ चुकी है कि बीमारियों का पता लगाने के लिए तरह-तरह की टेस्टिंग और स्क्रीनिंग मौजूद हैं। लेकिन सच कहें तो हॉस्पिटल या लैब तक पहुंचना, अपॉइंटमेंट लेना, लाइन में लगना और घंटों इंतजार करना किसी के लिए भी आसान नहीं होता।
सोचिए, अगर आप घर बैठे ही अपने शरीर में छिपी बीमारियों के संकेत पकड़ पाएं तो? ऐसा नहीं है कि मेडिकल टेस्ट की जरूरत नहीं होगी, लेकिन कम से कम आपको अंदाजा हो जाएगा कि किन टेस्ट की जरूरत है और किन्हें आप टाल सकते हैं।
गर्दन का नाप मतलब गर्दन की मोटाई, जो एडम्स एप्पल (कंठ) के नीचे मापी जाती है। इसके लिए बस एक टेप चाहिए, न कोई सुई, न कोई मशीन। क्योंकि शरीर की चर्बी अक्सर ऊपर के हिस्से (गर्दन, कंधे) पर भी जमती है। अगर गर्दन मोटी है, तो ये छिपे हुए फैट का संकेत हो सकता है, जो कई बीमारियों का कारण बनता है।
रिसर्च में पाया गया है कि गर्दन का नाप आपके दिल और मेटाबॉलिज्म की सेहत का बड़ा राज खोलता है। मोटी गर्दन वाले लोगों में हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्लीप एपनिया (नींद में सांस रुकना) का खतरा ज्यादा होता है। एक बड़े स्टडी में तो गर्दन का नाप, BMI और कमर की चौड़ाई से भी बेहतर निकला बीमारियों को पहचानने में।
कोरिया की रिसर्च कहती है – अगर पुरुषों की गर्दन 38 सेमी से ज़्यादा और महिलाओं की 34 सेमी से ज़्यादा है, तो उन्हें मेटाबॉलिक सिंड्रोम (ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, हाई बीपी जैसी समस्याओं का कॉम्बिनेशन) का खतरा दोगुना हो जाता है।
फ्रेमिंघम हार्ट स्टडी के मुताबिक – पुरुष जिनकी गर्दन 43 सेमी से ज़्यादा और महिलाएं जिनकी 36 सेमी से ज़्यादा है, उनमें हार्ट रिदम गड़बड़ी (Atrial fibrillation) और स्लीप एपनिया का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
पुरुष – एडम्स एप्पल (कंठ) के नीचे मापें।
महिलाएं – गर्दन के बीच वाले हिस्से में मापें।
अगर पुरुषों में 38 सेमी और महिलाओं में 34 सेमी से ज्यादा है, तो इसे लाल संकेत (रेड फ्लैग) मानकर डॉक्टर से सलाह लें।
Published on:
23 Aug 2025 03:24 pm
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