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सुन्नपन होने लगे तो करें शवासन

अक्सर लोग हड़बड़ी में आसन करते हैं जिससे खांसी या बेचैनी होने लगती है। ऐसे में आसन रोककर शवासन में 10-15 मिनट लेट जाएं।

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Sangeeta Chaturvedi

Jun 23, 2015


अक्सर लोग हड़बड़ी में आसन करते हैं जिससे खांसी या बेचैनी होने लगती है। ऐसे में आसन रोककर शवासन में 10-15 मिनट लेट जाएं।

योगाभ्यास किसी ऐेसे विशेषज्ञ की देखरेख में करें जिन्हें शारीरिक रचना और क्रिया विज्ञान का अच्छी तरह से ज्ञान हो वर्ना रोगों के अनुसार उचित योगासन की जानकारी न होने की वजह से आप गलत यौगिक क्रियाएं करते हैं नतीजतन रोग में और इजाफा हो जाता है। जिस तरह वर्कआउट करने से पहले स्ट्रेचिंग की जाती है उसी तरह योगासन से पहले लूजनिंग एक्सरसाइज (शिथलीकरण व्यायाम) की जानी चाहिए।


यह व्यायाम गर्दन से लेकर टखनों तक के लिए किया जाता है जिसे जोड़ों का व्यायाम भी कहते हैं। इससे मांसपेशियों की अकडऩ कम होती है। योग विशेषज्ञ को चाहिए कि वे पहले आपको लूजनिंग एक्सरसाइज कराएं और फिर आसन के स्टार्टिंग, प्रोर्गेसिव व फाइनल पोज बताते हुए योगाभ्यास कराएं।


यौगिक क्रियाएं बंद कमरे में करने की बजाय खुले वातावरण में करें ताकि पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती रहे। योगासनों के दौरान यदि चक्कर आने या किसी अंग में सुन्नपन का एहसास हो तो आसन को रोककर शवासन में 10 से 15 मिनट के लिए रिलेक्स करें। योगाभ्यास की शुरुआत हाल ही की है तो 10 से 15 मिनट लूजनिंग एक्सरसाइज और 30 से 40 मिनट योगासन करने चाहिए। निरंतर अभ्यास के बाद एक दिन में दो से तीन घंटे यौगिक क्रियाएं की जा सकती हैं।


दमे में सुखासन भी लाभकारी

शवासन दमे में राहत देता है क्योंकि यह सांस व तनाव का प्रबंधन करता है। आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रताप चौहान के अनुसार सुखासन भी दमे के लिए आरामदायक आसन है। योगाभ्यास प्रणायाम के साथ समाप्त करना चाहिए यह दमे के लिए भी लाभकारी आसन है क्योंकि इससे सांसों पर नियंत्रण करना आसान हो जाता है। योगाभ्यास के साथ आयुर्वेद के नियमों का पालन कर निरोगी रहा जा सकता है।


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