यह व्यायाम गर्दन से लेकर टखनों तक के लिए किया जाता है जिसे जोड़ों का व्यायाम भी कहते हैं। इससे मांसपेशियों की अकडऩ कम होती है। योग विशेषज्ञ को चाहिए कि वे पहले आपको लूजनिंग एक्सरसाइज कराएं और फिर आसन के स्टार्टिंग, प्रोर्गेसिव व फाइनल पोज बताते हुए योगाभ्यास कराएं।