
जोड़ों के दर्द में कारगर है निर्गुन्डी
निर्गुन्डी कफ और वात नाशक वनौषधि है। इसके इस्तेमाल से दर्द व सूजन की समस्या में आराम मिलता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। इसके फल, फूल, पत्तियां और जड़ सभी का इस्तेमाल औषधि बनाने में किया जाता है।
चोट लगने, कटने या छिलने पर निर्गुन्डी की पत्तियों को पीसकर उसमें हल्दी पाउडर मिलाकर बांधने से आराम मिलता है। मोच आने पर इसकी पत्तियों को मोटी पीसकर जोड़ों पर बांधने से दर्द और सूजन में राहत मिलती है।
गठिया: पांच ग्राम मात्रा में इसके चूर्ण या पत्तियों का 20 एमएल काढ़ा बनाकर दिन में तीन बार पीएं। दर्द से राहत मिलेगी। यह स्लिप्ड के दर्द और जकडऩ में भी राहत देती है। इससे प्रसव में जटिलता और महिला रोगों से बचाच में भी किया जाता है। लेकिन विशेषज्ञ की राय से ही लें।
पेट की समस्या: पेट से जुड़े रोगों में इसकी पत्ती का 10 एमएल रस, दो दाने कालीमिर्च व अजवाइन के साथ लें। पेट में दर्द व गैस से आराम मिलेगा। भूख भी बढ़ेगी।
डॉ. शम्भू शर्मा, वनौषधि विशेषज्ञ
Published on:
23 Dec 2019 05:32 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
