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शराब पी है तो नहीं ले सकते कैब, केरल में नया कानून

यात्री नशे के हालत में पाया गया तो कैब ड्राइवर पर जुर्माना, पीने के बाद घर जाने को कैब भी नहीं ले सकते अब
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Apurva

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Updated: 15 Aug 2017, 6:46 PM IST

cab, wine, ban

तिरुवनंतपुरम। शराब पीकर गाड़ी चलाना कितना खतरनाक होता है ये तो सब जानते हैं। शायद यही कारण है कि कई जगह लोगों से नशे की हालत में खुद ड्राइव करने की बजाए टैक्सी या कैब लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन केरल में अब आप शराब पीने के बाद नशे की हालत मे लोग कैब भी नहीं ले सकेंगे। अपनेआप में अनोखे इस नियम का हालांकि केरल में भी विरोध शुरू हो गया है। कुछ लोग केरल सरकार के इस फैसले का सोशल साइट्स पर मजाक भी उड़ा रह हंै।

क्या है इस फैसले में
केरल में 23 जून को पास नए मोटर व्हीकल ड्राइविंग रेग्यूलेशन 2017 के तहत अब ड्राइवर शराब पिए हुए यात्री को लेकर गाड़ी नहीं चला सकता। ये ड्राइवर की जिम्मेदारी होगी कि वह यह जांच कर ले कि यात्री नशे की हालत में है कि नहीं। नियम के पालन में अवहेलना पर ड्राइवर के ऊपर दंड का प्रावधान भी रखा गया है।
एमवीआर 2017 के नियम 5 के तहत ड्राइवर और साथ में यात्रा करने वालों की जिम्मेदारी तय की गई हैं। यात्रियों और ड्राइवरों को इस नियम का कड़ाई से पालन करने को भी कहा गया है।

संकट में कैब ड्राइवर
इस नियम के बाद सबसे ज्यादा नुकसान कैब ड्राइवरों को ही होगा क्योंकि रात में इनकी कमाई का प्रमुख जरिया ऐसे ही यात्री होते हैं। हालांकि, कैब ड्राइवर अभी राहत की सांस ले रहे हैं क्योंकि नियम आधिकारिक रूप से तो लागू हो चुका है लेकिन सरकार ने वास्तविकता में इसपर कड़ाई शुरू नहीं की है।

सोशल साइट्स पर विरोध
नियम बनने के बाद इसके औचित्य पर सवाल शुरू हो गए हैं। कुछ इसे बेकार बता रहे है तो कुछ यूजर इस कानून का मजाक उड़ा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि नशे की हालत में अब यात्रियों को घर जाने के लिए कैब की बजाए होटल देखना होगा।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।