
Popcorn Lung : एक मीठा स्वाद जो जान भी ले सकता है, जानिए क्या है पॉपकॉर्न लंग (फोटो सोर्स : Freepik)
Popcorn Lung Disease : आपको भी आजकल अक्सर सूखी खांसी आती है सांस लेने में थोड़ी भी दिक्कत होती है या सीने में अजीब सी जकड़न महसूस होती है? अगर हां, तो जरा ध्यान दीजिए ये सिर्फ मामूली सर्दी-खांसी नहीं हो सकती बल्कि एक बेहद खतरनाक और धीरे-धीरे जानलेवा बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है जिसे हम "Popcorn Lung" कहते हैं। डॉक्टरी भाषा में इसे ब्रोंकिओलाइटिस ऑब्लिटरन्स भी कहा जाता है।
नाम सुनकर लगता है जैसे पॉपकॉर्न से जुड़ा कोई मीठा सा मामला होगा पर असल में ये आपके फेफड़ों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। डॉ. शिवानी स्वामी बताती हैं कि इस बीमारी में हमारे फेफड़ों की सबसे छोटी हवा वाली नलियां, जिन्हें ब्रोंकिओल्स कहते हैं, उनमें सूजन आ जाती है। धीरे-धीरे ये सूजन इतनी बढ़ जाती है कि उन नलियों में स्थायी रूप से निशान (स्कार टिशू) बनने लगते हैं और वे सिकुड़ जाती हैं। सोचिए जब हवा अंदर-बाहर जाने का रास्ता ही संकरा हो जाए तो सांस लेना कितना मुश्किल हो जाएगा।
यह बीमारी सबसे पहले उन लोगों में देखी गई थी जो माइक्रोवेव पॉपकॉर्न बनाने वाली फैक्ट्रियों में काम करते थे। वहां उन्हें एक खास रसायन, जिसका नाम 'डायएसिटाइल' है रोजाना सांस के साथ अंदर लेना पड़ता था। हैरानी की बात ये है कि यही 'डायएसिटाइल' अब वेपिंग और ई-सिगरेट के फ्लेवर में भी खूब इस्तेमाल हो रहा है. यही वजह है कि ये खतरा अब सिर्फ फैक्ट्री मजदूरों तक नहीं बल्कि हम जैसे आम लोगों, खासकर युवाओं तक भी पहुंच गया है जो कूल दिखने के चक्कर में ई-सिगरेट का कश लगाते हैं।
लगातार सूखी खांसी: ऐसी खांसी जो दवाई लेने के बाद भी पीछा न छोड़े।
सांस लेने में तकलीफ: खासकर थोड़ी देर चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर. ऐसा लगेगा जैसे फेफड़े काम नहीं कर रहे।
सीने में जकड़न या घरघराहट (व्हीज़िंग): सांस लेते समय सीने से सीटी जैसी आवाज आना।
हल्का बुखार या थकान: बिना किसी खास वजह के भी अक्सर थका हुआ महसूस करना।
डॉ. शिवानी स्वामी चेतावनी देती हैं कि यह बीमारी धीमी गति से बढ़ती है। अगर आप शुरुआती लक्षणों को पहचानकर इलाज नहीं कराते तो फेफड़ों को इतना नुकसान हो सकता है कि आपको सांस लेने के लिए मशीन पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
वेपिंग और ई-सिगरेट से दूर रहें ये कूल नहीं बल्कि आपकी जान के किलर हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर दिखते इनके आकर्षक विज्ञापनों से धोखा न खाएं। ये आपके फेफड़ों के लिए धीमा ज़जहर हैं। अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस होते हैं तो बिना देर किए किसी फेफड़ों के विशेषज्ञ (पल्मोनोलॉजिस्ट) से मिलें। याद रखिए, आपके फेफड़े आपके जीवन का आधार हैं इन्हें सुरक्षित रखना आपकी ज़िम्मेदारी है।
Updated on:
30 Jul 2025, 12:11 PM IST
Published on:
30 Jul 2025, 11:45 AM IST
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