
Pulmonary Embolism Symptoms (Photo- gemini ai)
Pulmonary Embolism Symptoms: अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) और American College of Cardiology ने हाल ही में एक अहम गाइडलाइन जारी की है, जिसमें फेफड़ों में होने वाली खतरनाक बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म (PE) के बारे में नई जानकारी दी गई है। आसान भाषा में समझें तो यह ऐसी स्थिति है जब खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) फेफड़ों की नस में जाकर फंस जाता है और खून का बहाव रुक जाता है।
यह थक्का अक्सर पैरों की नसों में बनता है, जिसे Deep Vein Thrombosis कहा जाता है, और वहीं से टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह कुछ ही घंटों में जानलेवा बन सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, पल्मोनरी एम्बोलिज्म को पहचानना मुश्किल होता है क्योंकि इसके लक्षण कई बार सामान्य लगते हैं। लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है। लेकिन यह देरी दिल और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, यहां तक कि अचानक मौत भी हो सकती है। भारत में भी यह बीमारी तेजी से चिंता का कारण बन रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हार्ट अटैक के बाद यह मौत का दूसरा बड़ा कारण बनती जा रही है।
इस बीमारी के लक्षण अचानक आते हैं और तेजी से बढ़ सकते हैं। अगर आपको ये संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है, जैसे
इस बीमारी में समय बहुत कीमती होता है। डॉक्टर आमतौर पर ब्लड थिनर (खून पतला करने की दवाएं) देते हैं ताकि नए थक्के न बनें। गंभीर मामलों में क्लॉट को घोलने वाली दवाएं भी दी जाती हैं। साथ में ऑक्सीजन और अन्य सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया जाता है।
डिस्चार्ज के बाद भी डॉक्टर की सलाह मानना बहुत जरूरी है। एक हफ्ते के अंदर फॉलो-अप करना चाहिए ताकि दवाओं का असर देखा जा सके। करीब 3 महीने बाद डॉक्टर तय करते हैं कि दवा कितने समय तक जारी रखनी है।
अच्छी बात यह है कि थोड़ी सावधानी से इस बीमारी से बचा जा सकता है
छोटी-छोटी आदतें आपकी जान बचा सकती हैं, इसलिए शरीर के संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें।
Updated on:
19 Mar 2026 12:33 pm
Published on:
19 Mar 2026 11:34 am
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