कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा

कुछ महीनों पहले वैज्ञानिकों ने कहा था कि सूंध न पाना और अचानक स्वाद न लगना भी कोरोना संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। इसे बाद में कोरोना के सबसे प्राथमिक लक्षणों में भी शामिल किया गया था। लेकिन अब इस पर ही सवाल उठ रहा है? नए शोध में सामने आया कि संक्रमण से स्वाद लेने की क्षमता सीधे प्रभावित नहीं होती है।

By: Mohmad Imran

Updated: 11 Aug 2020, 06:55 PM IST

अमरीकन एकेडमी ऑफ ओटोलैरिंगोलोजी, राष्ट्र संघ प्रमुख और सिर एवं गर्दन के विख्यात सर्जनों ने कुछ महीनों पहले बताया था कि सीओवीआईडी-19 के लक्षणों की आधिकारिक सूची में एनोस्मिया (सूंघने की क्षमता का आशिंक या पूरी तरह नष्ट हो जाना), हाइपोसिमिया और डिस्गेशिया को शामिल किया गया था। ये तीन स्थितियां गंध और स्वाद की इंद्रियों में कमीए या पूर्ण नुकसान को संदर्भित करती हैं। हालांकि एक नए शोध में सामने आया है कि कोविड-19 वायरस स्वाद लेने की क्षमता से जुड़ी कोशिकाओं को सीधे तौर पर नुकसान नहीं पहुंचाता है। अध्ययन के अनुसार स्वाद लेने की क्षमता का प्रभावित होना बीमारी के कारण हुई सूजन के दौरान होने वाली घटनाओं से अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़ा हुआ है। पूर्व के अध्ययनों में कहा गया था कि स्वाद लेने की क्षमता सीधे तौर पर संभवत: वायरस के कारण प्रभावित होती है। अमरीका के जॉर्जिया विश्वविद्यालय की शोधकर्ता होंगजियांग लियू ने कहा कि स्वाद लेने की क्षमता से जुड़ी कोशिकाएं सार्स-सीओवी-2 संक्रमण के प्रति संवेदनशील नहीं हैं क्योंकि उनमें से अधिकतर में एसीई2 रिसेप्टर नहीं होता। यह वह रास्ता है जहां से वायरस शरीर में प्रवेश करता है।

कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा

आंख में दर्द को भी बताया था लक्षण
एक डेटा साइंटिस्ट ने गूगल सर्च पर हाल ही किए गए परिणामों का विश्लेषण कर दावा किया है कि आंखों में दर्द होना भी कोविड-19 का एक और संभावित लक्षण हो सकता है। डेटा वैज्ञानिक और लेखक सेठ स्टीफेंस-डेविडोवित्ज़ ने बताया कि इन दिनों कोविड-19 वायरस को लेकर लोग गूगल पर जो कुछ भी खोज रहे हैं वह अध्ययन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब भी इससे जुड़े बेहद आम लक्षणों को ही सूचीबद्ध किया है। कुछ लोगों श्रवण शक्ति कम होने की भी शिकायत की है।

कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा

कोरोना संक्रमित होने पर कैसा महसूस होता है
सभी वायरस की तरह इस वायरस के संचरण का मुख्य जरिया भी बूंदों या खांसने , छींकने के माध्यम से होता हैं। इससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह तुरंत आपके गले और नाक के पिछले हिस्से में जमा हो जाता है और वे जो भी काम कर रहे हैं उसे रोक देता है। धीरे-धीरे यह अपने प्रजन चक्र को तेजी से बढ़ाते हुए हमारे दूसरे महत्त्वपूर्ण अंगों पर भी हमला कर देता है। इससे धीरे-धीरे सांस लेने में तकलीफ, सूखी खांसी और गले में खराश होती है। दर्द इस बात का संकेत हे कि कोशिकाएं संक्रमित हो चुकी हैं और आपको इलाज की जरुरत है। इसके बाद बुखार आता है। प्रतिरक्षा प्रणाली पाइरोजींस नाम का रसायन उत्पन्न करती है जो हमारे मस्तिष्क को शरीर को तापमान बढ़ाने का निर्देश देते हैं जिससे आपको 37.8 सेल्सियस या उससे तेज बुखार होता है।

कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा

दस्त हों तो हल्के में न लें
कुछ मामलों में संक्रमित लोगों ने दस्त की शिकायत भी की है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कोविड-19 वायरस हमारी नाक के माध्यम से भी शरीर में प्रवेश करता है। जहां से यह आंत तक फैल जाता है। यहां तक कि हल्के लक्षणों वाले लोगों में भी दस्त के लक्षण हो सकते हैं। इसका मतलब यह है कि मल के माध्यम से वायरस के संक्रमण का खतरा भी है। इसकी भी चिकित्सा पेशेवरों द्वारा तत्काल जांच की जा रही है। हम हर दिन इस वायरस के बारे में नई चीजें सीख रहे हैं। इसलिए अभी खुद को सेल्फ आइसोलेशन और सोशल डिस्टैंसिंग ही सर्वोत्तम इलाज है।

कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा

एक घंटे में 16 बार छूते हैं चेहरा
वैज्ञानिकों का कहना है कि सामान्यत: बेवजह भी हम 60 मिनट में कम से कम 16 बार से ज्यादा अपने चेहरे को छूते हैं, कोरोना वायरस के संक्रमण में कोविड-19 के शरीर तक पहुंचने का यह सबसे आसान और तेज तरीका है। चेहरे को हाथों से बार-बार छूने पर नोवेल कोरोना वायरस का संक्रमण कई गुना बढ़ जाता है। दरअसल, आंखें, मुंह और नाक शसरीर के वे संवेदनशील हिस्से हैं जो आसानी से संक्रमण के शरीर में पहुंचने का जरिया बन सकते हैं। एक वैज्ञानिक शोध में सामने आया कि हम औसतन हाथों से एक घंटे में 16 बार से अधिक अपने चेहरे को छूते हैं। हम अपने चेहरे को इतनी बार छूते हैं कि इस दौरान बार-बार हाथ धोने से भी वायरस का शरीर तक पहुंचने का खतरा बहुत अधिक होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दस्ताने पहनने से आप अपने चेहरे को बार-बार छूने की इस आदत से छुटकारा पा सकते हैं। दरअसल यह इतनी सामान्य आदत है कि हम में से ज्यादातर इसके बारे में सोचते तक नहीं हैं। लेकिन इसआदत के चलते हम फ्लू, कोल्ड और अब कोरोना वायरस के शिकार हो रहे हैं।

कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा

2022 तक उबर पाएगी दुनिया
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि व्यापक निगरानी और हस्तक्षेप के साथ सोशल डिस्टैंसिंग का सख्ती से पालन नहीं किया जाता है तो पूरी दुनिया में मृतकों की संख्या लाखों तक पहुंच सकती है। क्योंकि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि वायरस सर्द मौसम में तेजी से फैलता है या नहीं। नए हार्वर्ड मॉडल के अनुसार वायरस के असर से पूरी दुनिया 2022 में उबर पाएगी। विश्वविद्यालय का यह अनुमान अमरीका में कोरोना के वर्तमान परिदृश्य पर आधारित है। अध्ययन से पता चलता है कि जब तक महामारी जारी रहती है तब तक बचाव के उपायों के बीच की अवधि भी उसी अनुपात में बढ़ जाती है।

कोविड-19: संक्रमित व्यक्ति में स्वाद बदलने की थ्योरी पर सवाल, नए शोध में नकारा
  • कोरोना वायरस के बारे में कुछ खास बातेंं
    01. 200 प्रकार के कोरोना वायरस हैं दुनिया में
    02. 07 प्रकार के कोरोना वायरस ही मनुष्यों के लिए खतरनाक हैं
    03. 04 प्रकार के कोरोना वायरस एंडेमिक रेस्पिरेटरी वायरस हैं। ये हैं एनएल63, 229ई, ओसी43 और एचकेयू1।
    04. 15 से 30 फीसदी हर साल होने वाले सामान्य सर्दी-जुकाम (कोल्ड इन्फेक्शन) इन्हीं चारों से होता है
    05. 02 वायरस सार्स और मर्स को प्रकोप यानी एपिडेमिक माना गया है, कोविड-19 इस समूह का तीसरा वायरस है जिसे महामारी माना गया है।
    06. 26 देशों में फैल गया था सार्स वायरस चीन के गुआंगडोंग शहर से, 2002 में। 2012 में मर्स ने मध्य पूर्व में तबाही में लोगों को संक्रमित किया था।
    07. 07वां सदस्य है नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 कोरोना परविार जिसकी उत्पत्ति के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। हालांकि वैज्ञानिक सांप, चमगादड़ और हाल के शोधों के बाद पेंगोलिन को इसका वाहक मान रहे हैं।
    08. 9.6 फीसदी है सार्स वायरस की मृत्यु दर जबकि मर्स कोरोना वायरस की मृत्यु दर 34.4 फीसदी है
    09. 8 से 12 महीने में सार्स-सीओवी-2 को छोड़कर अन्य कोरोना वायरस वापस आ सकते हैं
    10. 5 से 15 फीसदी लोगों में ही कोविड-19 के गंभीर और जानलेवा लक्षण उभरते है
Mohmad Imran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned