12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कैंसर का इलाज ले रहे रोगियों में कोरोना से मृत्यु का जोखिम अधिक

-अमरीकी शोधकर्ताओं के मुताबिक ऐसे रोगियों में संक्रमण के बाद ज्यादा नकारात्मक परिणाम आते हैं

less than 1 minute read
Google source verification

image

Pushpesh Sharma

Sep 21, 2020

कैंसर का इलाज ले रहे रोगियों में कोरोना से मृत्यु का जोखिम अधिक

कैंसर का इलाज ले रहे रोगियों में कोरोना से मृत्यु का जोखिम अधिक

न्यूयॉर्क. अमरीकी शोधकर्ताओं के अध्ययन से पता चला है कि कैंसर रोगियों में कोविड-19 संक्रमित का संक्रमण होने से मौत की आशंका बढ़ जाती है। यूरोपियन सोसाइटी फॉर मेडिकल ऑन्कोलॉजी वर्चुअल कांग्रेस 2020 में सिनसिनाटी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की ओर से पेश किए गए अध्ययन में कैंसर के ऐसे तरीकों के बारे में बताया गया जो रोगी के कोरोनावायरस संक्रमित होने पर उस पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। यूसी कॉलेज ऑफ मेडिसिन में हेमटोलॉजी ऑन्कोलॉजी विभाग में मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर त्रिशा वाइज-ड्रेपर ने कहा, ऐसे मरीज के अस्पताल में भर्ती होने की आशंका 40 प्रतिशत तक होती है। साथ ही उनमें गंभीर श्वसन बीमारी होने और मृत्यु की आशंका होती है। कोविड -19 और कैंसर के संबंध पर किए गए पिछले अध्ययन में टीम ने पाया था कि उम्र, लिंग, धूम्रपान करने और सक्रिय कैंसर सहित अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में मृत्यु की आशंका बढ़ा देती हैं।

पहले एक साल एंड्रक्राइन थैरेपी छोड़ दें
कोविड-19 डायग्नोस होने से पहले के एक साल में एंडोक्राइन थैरेपी को छोड़ दें तो कैंसर का ट्रीटमेंट नहीं ले रहे रोगियों की तुलना में सक्रिय कैंसर उपचार ले रहे रोगियों की मृत्यु संख्या अधिक रही। उन्होंने कहा, यह उन रोगियों के लिए अच्छी खबर नहीं है जो कैंसर से लड़ रहे हैं। इसके अलावा भी कैंसर के रोगियों में किसी भी स्थिति या कारण के चलते मृत्यु की आशंका सामान्य आबादी की तुलना में अधिक है। इसमें वो लोग शामिल हैं, जिनका पिछले साल इलाज नहीं चल रहा था। लेखकों ने कहा कि उन्हें इस विषय पर और अधिक शोध करने की जरूरत है क्योंकि वे रोगियों के समूह पर महामारी के प्रभाव की जांच करना जारी रखना चाहते हैं।