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अगर आपको भी हैं ये लक्षण तो हो जाएँ सावधान, हो सकता है कोरोना वायरस का असर

गूगल सर्च के आधार पर डेटा साइंटिस्ट ने बताया कि आंखों में दर्द होना भी कोरोना का लक्षण-एक डेटा वैज्ञानिक ने गूगल सर्च पर परिणामों का विश्लेषण कर दावा किया है कि आंखों में दर्द होना भी कोविड-19 का एक और संभावित लक्षण हो सकता है।

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जयपुर

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Mohmad Imran

Apr 14, 2020

अगर आपको भी हैं ये लक्षण तो हो जाएँ सावधान, हो सकता है कोरोना वायरस का असर

अगर आपको भी हैं ये लक्षण तो हो जाएँ सावधान, हो सकता है कोरोना वायरस का असर

कोरोना वायरस के प्रमुख लक्षणों में गले में खराश, सूखी खांसी और तेज बुखार, के अलावा सांस लेने में परेशानी है। हालिया वैज्ञानिक शोधों में स्वाद और सुगंध न पहचान पाने को भी कोविड-19 के लक्षणों में शामिल किया गया है। लेकिन अब एक डेटा साइंटिस्ट ने गूगल सर्च पर हाल ही किए गए परिणामों का विश्लेषण कर दावा किया है कि आंखों में दर्द होना भी कोविड-19 का एक और संभावित लक्षण हो सकता है। डेटा वैज्ञानिक और लेखक सेठ स्टीफेंस-डेविडोवित्ज़ ने बताया कि इन दिनों कोविड-19 वायरस को लेकर लोग गूगल पर जो कुछ भी खोज रहे हैं वह अध्ययन के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण हैं। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब भी इससे जुड़े बेहद आम लक्षणों को ही सूचीबद्ध किया है।

कुछ लोगों श्रवण शक्ति कम होने की भी शिकायत की है। लेकिन डेटा वैज्ञानिक सेठ स्टीफेंस का कहना है कि गूगल सर्च कोरोनोवायरस संक्रमण के संभावित लक्षणों को ट्रैक करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह एक और संभावित महामारी की ओर भी इशारा करता है।
डॉ. स्टीफेंस का कहना है कि लोग गूगल पर अपने लक्षणों को गूगल जैसे खोज इंजनों पर देखते हैं। इस दौरान सामान्य लक्षणों के अलावा सुंगध या स्वाद न पहचानने की कमी यानी एनोस्मिया कोसबसे अधिक खोजा गया है। विशेष रूप से बीते सप्ताह न्यूयॉर्क, मिशिगन, लुइसियाना और न्यू जर्सी जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित अमरीकी शहरों में इस तरह केगूगल सर्च में तेजी आई है। तब से शोधकर्ताओं ने एनोस्मिया को भी इस वायरस के एक लक्षण केरूप मेंशामिल किया है। कोविड-19 से संक्रमित 30 से 60 फीसदी रोगियों में ये लक्षण पाए गए हैं।

अगले कोरोना केन्द्र की भविष्यवाणी
डॉ. स्टीफेंस का यहां तक कहना है कि वे इस डेटा का विश्लेषण कर अगले कोरोना केन्द्र या ऐपीसेंटर का अनुमान भी लगा सकते हैं। जैसे इन दिनों इक्वाडोर में कोविड-19 के मामलों में गूगल सर्च पर वृद्धि नजर आ रही है। इक्वाडोर की गूगल खोजों के आधार पर आने वाले सप्ताहमें नोवेल कोरोनवायरस का नया एपीसेंटर बन सकता है। 'नो पीटेडो ओलेर' यानी मैं सूंघ नहीं पा रहा हूं के नाम से गूगल सर्चमें स्पेन से ज्यादा इक्वाडोर में 10 गुना वृद्धि हुई है। जबकि आधिकारिक तौर पर इक्वाडोर में स्पेन की तुलना में प्रति व्यक्ति दस गुना कम कोविड-19 मामले हैं। इसके अलावा सर्दी लगने और बुखार के लक्षणों की खोज में भी वृद्धि देखी गई है, जो कोरोनोवायरस संक्रमण के सामान्य लक्षण भी हैं।

जबकि आंखों में दर्द चौथा सबसे ज्यादा खोजा गया कारण था। डेटा वैज्ञानिकों के पास गूगल सर्च के इन परिणाम पर विश्वास करने का पर्याप्त कारण है। आंखों के दर्द के बारे में सबसे ज्यादा खोज इन दिनों स्पेन और ईरान में भी देखने को मिल रही है जो इस समय शीर्ष संक्रमित देशों में शामिल हैं। ऐसे ही इटली के लोगों ने भी किसी और महीने की तुलना में मार्च में 'ब्रूसियोर ओची' यानी जलती हुई आंखों के नाम से गूगल पर काफी सर्च किया है। इटली में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या दुनिया के किसी भी देश की तुलना में सबसे ज्यादा है। हालांकि अब भी इसे स्पष्ट तौर पर कोरोना वायरस का लक्षण घोषित नहीं किया गया है। टुडे नाम की एक वैज्ञानिक पत्रिका का कहना है कि वैज्ञानिकों के अनुसार गुलाबी आंख, या आंखों में खुजली और जलन कोरोनोवायरस रोग का एक दुर्लभ लक्षण है।