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चमत्कार! वैज्ञानिकों ने खोज निकाला वजन घटाने का अचूक तरीका

चमत्कार! वैज्ञानिकों ने खोज निकाला वजन घटाने का अचूक तरीका...

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Dilip Chaturvedi

Jan 08, 2018

Best Weight Loss

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क्या आप मोटापे से परेशान हैं? क्या आप मोटे होते जा रहे हैं? इस तरह के सवालों से परेशान होने वाले लोगों को लिए एक खुशखबरी है। जी हां, यदि आप खुद को बिना भूखा रखे अपना वजन घटाना चाहते हैं या वजन को कंट्रोल रखना चाहते हैं, तो आपके लिए नई दवा खुशी लेकर आई है। बता दें कि भारतीय मूल के वैज्ञानिकों में से एक की अगुआई में एक दल ने एक नई दवा विकसित कर रहे हैं जिससे आप बिना खुद को भूखा रखे अपने शरीर की अतिरिक्त चर्बी खत्म कर सकेंगे।

अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि यह दवाई आपके शरीर में फैट सेल मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर सिर्फ अतिरिक्त चर्बी को ही खत्म करता है। वैज्ञानिकों ने मेटाबॉलिक ब्रेक को मोटी सफेद वसा कोशिकाओं में सक्रिय होने से रोकने में मददगार तत्व को खोज निकाला है। मेटाबॉलिक ब्रेक को रोकने के बाद वे सफेद वसा कोशिकाओं में मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में सक्षम हो सके है।

अध्ययन की मुख्य लेखिका टैक्सास मेडिकल शाखा विश्वविद्यालय की हर्शिनी नीलकांतन ने बताया, 'फैट सेल ब्रेक की क्रिया को रोकने से एक नई वसा से जुड़ी प्रणाली का पता चला, जिसकी सहायता से कोशिकाओं की मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने तथा सफेद वसा कोशिकाओं की संख्या को कम करने में मदद मिली।

इससे मोटापे और उससे संबंधित मेटाबॉलिक (चयापचय संबंधी) बीमारियों के मूल कारण का इलाज होता है... बायोकेमिकल फार्माकोलॉजी नामक जर्नल में प्रकाशित इस हालिया अध्ययन के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त चूहे के भूख को कम किए बिना उसके शरीर का वजन और रक्त के कोलेस्ट्रॉल का स्तर उल्लेखनीय रूप से घटाने में यह दवा सफल रही।

अध्ययन के दौरान चूहों को मोटा होने तक उच्च वसा युक्त भोजन दिया गया, जिसके बाद उन्हें परीक्षण के लिए यह नई दवा दी गई। साथ ही प्लेसबो दवा दी गई। दस दिन के बाद इस दवा का अध्ययन करने के बाद अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि असली दवाई ले रहे मोटे चूहों ने अपने वजन का 7 प्रतिशत से अधिक वजन कम किया और उनकी सफेद वसा कोशिकाओं का वजन और कोशिका का आकार प्लेसबो लेने वालों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो गया।

इसके साथ ही सामान्य दवा लेने वाले चूहों के खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होकर सामान्य चूहों के बराबर हो गया। वहीं दूसरी तरफ प्लेसबो लेने वाले चूहों में सफेद वसा जमा होता रहा और अध्ययन के पूरे समय में उनका वजन बढ़ता रहा।