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ब्लड शुगर रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद भी डॉक्टर ने HbA1c टेस्ट क्यों लिख दिया? Mayo Clinic से जानिए इसका मतलब

Diabetes Monitoring: Mayo Clinic, CDC और ADA के अनुसार HbA1c टेस्ट पिछले 2-3 महीनों की औसत ब्लड शुगर बताता है। जानिए डॉक्टर नॉर्मल शुगर रिपोर्ट के बाद भी HbA1c टेस्ट क्यों लिखते हैं।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 18, 2026

HbA1c Test A1C Test Diabetes Test

ब्लड शुगर टेस्ट को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

HbA1c Test in Hindi: आपने फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट करवाया। रिपोर्ट नॉर्मल आई तो आपको लगा कि सब ठीक है। लेकिन डॉक्टर ने फिर भी HbA1c टेस्ट कराने की सलाह दे दी। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि जब शुगर नॉर्मल है तो फिर एक और टेस्ट की क्या जरूरत?

दरअसल, फास्टिंग या रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट उस समय का शुगर लेवल बताता है, जबकि HbA1c टेस्ट पिछले 2 से 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर का रिकॉर्ड दिखाता है। यही वजह है कि डॉक्टर डायबिटीज की पहचान और उसके कंट्रोल का सही अंदाजा लगाने के लिए HbA1c टेस्ट को काफी महत्व देते हैं।

HbA1c टेस्ट क्या होता है?

Mayo Clinic के अनुसार, HbA1c या A1c टेस्ट खून में मौजूद हीमोग्लोबिन से जुड़ी शुगर की मात्रा को मापता है। हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) लगभग 3 महीने तक जीवित रहती हैं। जब खून में शुगर बढ़ती है, तो उसका कुछ हिस्सा हीमोग्लोबिन से चिपक जाता है। HbA1c टेस्ट इसी आधार पर यह बताता है कि पिछले कुछ महीनों में आपका औसत ब्लड शुगर लेवल कैसा रहा है।

डॉक्टर HbA1c टेस्ट क्यों लिखते हैं?

कई बार ऐसा होता है कि टेस्ट वाले दिन आपकी शुगर नॉर्मल आ जाती है, लेकिन बाकी दिनों में वह बढ़ी हुई रहती है। CDC के अनुसार, HbA1c टेस्ट डॉक्टर को यह समझने में मदद करता है कि आपको डायबिटीज है या नहीं, आप प्रीडायबिटीज की स्थिति में हैं या नहीं और अगर डायबिटीज है तो वह कितनी अच्छी तरह कंट्रोल में है। साथ ही दवाएं और जीवनशैली में बदलाव कितना असर दिखा रहे हैं।

HbA1c और सामान्य शुगर टेस्ट में क्या अंतर है?

फास्टिंग शुगर टेस्ट- यह बताता है कि टेस्ट के समय आपका ब्लड शुगर कितना है।

HbA1c टेस्ट- यह पिछले 2-3 महीनों के औसत शुगर लेवल की जानकारी देता है। यही वजह है कि केवल एक दिन की रिपोर्ट देखकर डायबिटीज की पूरी तस्वीर नहीं मिलती।

HbA1c की नॉर्मल रेंज क्या होती है?

American Diabetes Association (ADA) के अनुसार:

  • 5.7% से कम - सामान्य
  • 5.7% से 6.4% - प्रीडायबिटीज
  • 6.5% या उससे अधिक - डायबिटीज का संकेत

हालांकि अंतिम निष्कर्ष डॉक्टर आपकी पूरी मेडिकल स्थिति को देखकर ही निकालते हैं।

किन लोगों को यह टेस्ट करवाना चाहिए?

  • जिनके परिवार में डायबिटीज का इतिहास हो
  • जिनका वजन अधिक हो
  • जिनकी उम्र 35 वर्ष से ज्यादा हो
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
  • प्रीडायबिटीज वाले लोग
  • पहले से डायबिटीज मरीज

इन लोगों को समय-समय पर HbA1c टेस्ट करवाने की सलाह दी जा सकती है।

HbA1c बढ़ा हुआ आए तो क्या करें?

अगर HbA1c बढ़ा हुआ आता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर आमतौर पर खानपान, व्यायाम, वजन नियंत्रण और जरूरत पड़ने पर दवाओं की सलाह देते हैं। कई मामलों में जीवनशैली में सुधार करके HbA1c स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है। Mayo Clinic के अनुसार, डायबिटीज की जांच और निगरानी के लिए HbA1c के साथ अन्य ब्लड शुगर टेस्ट भी जरूरी हो सकते हैं। डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार अलग-अलग जांचों की सलाह देते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।