
Side Effects Of Fenugreek
मेथी का पानी पीना कई समस्याओं का समाधान है। पर यह सभी के लिए काम करे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए आप उन साइड इफैक्ट्स को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते, जो मेथी का पानी आपको दे सकता है।
मेथी की पत्तियों का साग या मेथी के दानें बहुत सी बीमारियों का तगड़ा इलाज करते हैं, लेकिन कुछ बीमारियों में इन्हें खाने से बीमारी और बढ़ सकती है। साथ ही बच्चों के लिए मेथी हमेशा फायदेमंद नहीं होती। तो चलिए जानें किन कंडिशन्स और बीमारी में मेथी को खाने से बचना चाहिए।
मेथी के साइड इफैक्ट्स -Side effects of methi
प्रेग्नेंसी में मिसकैरिज का खतरा (Miscarriage Chances In Preganancy)
प्रेग्नेंसी में मेथी के दाने खाने भिगा कर खाने से बचना चाहिए। मेथी गर्म होती है और ये मिसकैरिज का खतरा बढ़ा सकती है। योमेड सेन्ट्रल प्रेगनेंसी एंड चाइल्डबर्थ की रिपोर्ट के अनुसार प्रेगनेंट महिलाओं में गर्भपात की वजह में खानपान का गलत तरीका सबसे ज्यादा जिम्मेदार होता है। इसलिए शुरुआती तीन और आखिरी तीन महीने में खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्म तासीर वाली चीजें प्रेग्नेंसी में नहीं खानी चाहिए।
एलर्जी की प्रतिक्रिया (Allergic Reaction)
मेथी कुछ लोगों में स्किन एलर्जी का कारण बन सकती है। मेथी खाते ही अगर स्किन पर सूजन या दर्द या लालिमा नजर आए तो इसे खाने से बचें। कालेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एंड इम्युनोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार मेथी से एलर्जी की शिकायत होती है।
अस्थमा (Asthma)
अस्थमा में भी मेथी का पाउडर या मेथी के दाने कच्चे खाने से परहेज करें, क्योंकि कई लोगों में मेथी खाने के बाद सांस संबंधित परेशानी होने लगती है।
दस्त (Diarrhea)
मेथी कई लोगों में पाचन संबंधित दिक्कते भी कर सकती है। अगर मेथी के बाद आपको लूज मोशन होते हैं तो आपको इसे खाने से बचना चाहिए। दस्त आदि की समस्या में मेथी खाने से समस्या बढ़ सकती है। जबकि कब्ज की स्थिति में मेथी रामबाण दवा की तरह काम करता है।
आंत की बीमारी या पेट फूलना (Flatulence)
मेथी पानी लेने के बाद कुछ लोगों को अपच होने की शुरुआत हो जाती है। ऐसे लोगों के आंत में मौजूद बैक्टीरिया गैस बनाना शुरु कर देते हैं। जिसकी वजह से वे असहज महसूस करने लगते हैं। अगर पेट फूलने या आंत की किसी समस्या से जूझ रहे तो मेथी को खाने से बचें।
लो ब्लड शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया (Low blood sugar or hypoglycemia)
लो ब्लड शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया एक प्रकार की डॉयबिटीज है। डॉयबिटीज के मरीजों को मेथी पानी की मात्रा पर विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है। ऐसे लोगों को मेथी पानी लेने से हमेशा सावधान रहना चाहिए।
सांस लेते समय घरघराहट (Wheezing)
कुछ लोगों में मेथी पानी की वजह से सांस लेने के दौरान गले से घरघराहट की आवाज सुनाई देने लगती है। दरअसल ऐसे लोगों में सांस लेने में मदद करने वाले प्रमुख अंगो में एलर्जी होने लगती है। जिससे वे अंग असहज होने लगते हैं और घरघराहट की आवाज आने लगती है।
बच्चों के शरीर से अजीबोगरीब गंध आने लगती है (Unusual body odor)
बच्चों को मेथी पानी देने से परहेज करना चाहिए। बिना डॉक्टर (पीडियाट्रिशन) की सलाह के उन्हें ये देने से बचना चाहिए। क्योंकि मेथी पानी लेने के बाद ज्यादातर बच्चों के शरीर से अजीबोगरीब गंध आनी शुरु हो जाती है।
बच्चों में चेतना का नुकसान (Loss of consciousness)
मेथी पानी कुछ बच्चों में चेतना की कमी का कारण बन जाता है। बिना डॉक्टर (पीडियाट्रिशन) से सलाह लिए उन्हें इसे देने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Published on:
13 May 2022 11:18 am
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
