खुलासा: कुंवारे लोगों को कोरोना का खतरा ज्यादा, जा सकती है जान

  • कुंवारे लोगों में है कोरोना का खतरा ज्यादा
  • कम आय वाले पुरुषों की जान जाने का डर ज्यादा

By: Pratibha Tripathi

Updated: 04 Nov 2020, 04:37 PM IST

नई दिल्ली। हमारे समाज में शादी को लेकर कई तरह के जोक और मज़ाक बनाये जाते हैं, कि शादीशुदा होना किसी के लिए मुसीबत का शबाब बन जाता है, लेकिन एक शोध में कहा गया है कि जो लोग शादी नही करते उनके लिए भी कोरोना एक बड़ी मुसीबत बना हुआ है जीं हा इस बात का खुलासा अभी किए गए अध्ययन के दौरान हुआ है कि, शादीशुदा लोगों की तुलना में कुंवारे लोगों को कोरोना वायरस से मौत का खतरा ज्यादा है। रिसर्चर ने पाया गया है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की कम आय, शिक्षा का स्तर कम होना, कुंवारा होना और विदेश में रहने जैसे कारक भी कोरोना से मौत की आशंका को और बढ़ाने वाले हो सकते हैं। शोध करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि बताए गए सभी कारक जीवन शैली को प्रभावित करने वाले होते हैं, जो पीड़ित की सेहत पर बुरा असर डालती है, जो मृत्यु के खतरे को ज़्यादा बढ़ाने वाला हो सकते है। रिसर्चर्स का मानना है कि अकेले जीवन जीने वालों का कपल की तुलना में वातावरण ज़्यादा असुरक्षित माना गया है। जबकि इससे पहले तक यही जानकारी थी कि कोरोना वायरस उम्र के लिहाज से अलग-अलग व्यक्ति पर अलग-अलग असर डालता है।

आर्थिक रूप से कमज़ोर व्यक्तियों को ज़्यादा खतरा

समाजशास्त्री एवं रिसर्चर स्वेन डेफरल का मानना है कि कम आमदनी,अल्प शिक्षित व्यक्तियों के संक्रमित होने पर जान का खतरा बढ़ जाता है। डेफरल इसके पीछे की वजह बताते हैं कि पुरुषों की जैविक बनावट एवं लाइफ स्टाइल के कारण ऐसे लोगो के वायरस की चपेट में आने की आशंका ज़्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा अविवाहित होना या कम आमदनी से खाने-पीने की आदतें भी इस पर असर डालती हैं।

अध्ययन के नतीजे

यह स्टडी स्वीडन में कोरोना से मारने वाले 20 साल से अधिक उम्र के लोगों के डाटा को आधार बना कर किया गया था। मृतकों के अभी डाटा को कलेक्ट करके उनपर स्टडी की गई, इस स्टडी में मृतकों के आवास, जन्म स्थान, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा और उम्र की जानकारी दी गई थी। इसे आधार बना कर शोधकर्ताओं ने देखा कि जो लोग मध्यम या कम आय वाले देश में पैदा हुए थे, उनकी कोरोना संक्रमण से ज्यादा मौत हुई। इसी तरह से निम्न आय, कुंवारे, अशिक्षित लोगों की मौत का आंकड़ा ज़्यादा दिखा।

Pratibha Tripathi
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