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SLEEP APNEA : खर्राटों से आराम नहीं तो ऐसे होता है इलाज

स्लीप एप्निया के संकेत और लक्षणों के आधार पर स्लीप एप्निया का निदान करते हैं। इसके अलावा मरीज को स्लीप डिस्ऑर्डर सेंटर भी भेजा जा सकता है। वहां पर नींद विशेषज्ञ होते हैं, जिनकी मदद से मरीज के आगे के मूल्यांकन पर निर्णय लिया जा सकता है।

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SLEEP APNEA

स्लीप एप्निया का पता लगाने वाले कुछ टेस्ट भी होते हैं। इसका इलाज दो तरीके से करते हैं।
सर्जिकल उपचार
सर्जिकल उपचार की मदद से नाक, तालू, जीभ, जबड़े, गर्दन, मोटापे या अन्य क्षेत्रों में से कई का एक ही समय में उपचार कर दिया जाता है। नाक वायुमार्ग सर्जरी तालु संबंधी सर्जरी ऊपरी वायुमार्ग थेरेपी जीभ सर्जरी, जीभ प्रस्थापन या जेनियोग्लॉसस एडवांसमेंट, हाइऑइड सस्पेंशन, तालु प्रत्यारोपण ट्रेकियोस्टोमी बैरिएट्रिक सर्जरी की जाती है। सर्जरी, जीवन शैली में बदलाव, माउथपीस और अन्य सांस लेने के उपकरण आदि की मदद से स्लीप एप्निया का इलाज किया जाता है।

नॉनसर्जिकल उपचार
एप्निया का अनुवांशिक कारण की जानकारी, शारीरिक परीक्षण और स्लीप स्टडी रिजल्ट आदि के आधार पर किया जाता है। स्लीप एप्निया के कारण रात में कई बार नींद खुल सकती है, इससे नींद या सुस्ती महसूस हो सकती है। स्लीप एप्निया के लिए व्यवहार में बदलाव सबसे साधारण उपचार होता है, लेकिन इसे करना मुश्किल होता है। कभी-कभी एप्निया केवल कुछ ही अवस्थाओं में होता है, जैसे पीठ के बल लेटने से। कोई भी व्यक्ति अपनी सोने की अवस्था में बदलाव लाकर एप्निया के लक्षणों को कम कर सकता है और अपनी नींद में सुधार ला सकता है। इसमें मोटापा मुख्य कारणों में से एक होता है। इससे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया में सुधार लाया जा सकता है।
- डॉ पुनीत रिझवानी, सीनियर फिजिशियन