
कलरफुल शीशे के बोतल में रखे पानी को धूप में कई घंटे तक रख कर उस पानी से रोग का इलाज करना आयुर्वेद कि एक कारगर चिकित्सा में से एक है।
धूप में घंटों पानी को रखकर उस पानी को पीने से हार्ट बर्न से लेकर अल्सर जैसी बीमारियों को दूर करने के साथ ही वह हडि्डयों को मजबूती भी देता है। तो चलिए आज आपको सन रिचार्ड वाटर के फायदों के बारे में बताएं।
प्राचीन औषधि तरीका है ये
सूर्य जल चिकित्सा सदियों पुरानी चिकित्सा तकनीक है। इसमें पानी को सफेद या रंगी शीशे की बॉटल में धूप में रख दिया जाता है। इससे पानी रिचार्ड हो जाता है और इस पानी में औषधिय गुण समाहित हो जाते हैं। सूर्य का प्रकाश पानी पर जब पड़ता है, तो यह पानी के मॉलीक्यूलर स्ट्रक्चर को बढ़ाता है और पानी में बोतल के रंग के अनुसार औषधिय गुण और ऊर्जा समाहित हो जाती है।
कैसे होता है इलाज
नेचुरोपैथी की इस विधि में पानी को रोग के अनुसार रंगीन कांच की बोतल में भर कर धू में रख दिया जाजता है और ऊपर लकड़ी का कॉर्क (ढक्कन) लगा दिए जाते हैं। सारे दिन धूप में रखने के बाद इन पानी को सूर्यास्त के समय हटा लिया जाता है और ये पानी औषधिय प्रयोग के लिए तैयार हो जाता है।
सूरज की रोशनी से चार्ज पानी पीने के फायदे
1. सन रिचार्ड वाटर एंटी वायरल, एंटी फंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरा होता है। इस पानी को रोजाना पीने से पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। हार्ट बर्न , अल्सर और आंत के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।
2. सन रिचार्ड वाटर हड्डियों के स्वस्थ्य रखता है और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है।
3. थकान-कजोरी या एनर्जी कम महसूस कर रहे तो सन चार्ज वॉटर पीना लाभ देगा।
4. हाइड्रेट रखने के साथ सन रिचार्ड वाटर स्किन के लिए भी अच्छा माना जाता है। ये बॉडी को रिलेक्सस करता हैद्ध
5. आंख से जुड़ी कोई समस्या में इस पानी से आंख धुलना कई समस्याओं से बचाता है। एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण ये आंखों के संक्रमण को दूर करता है।
6. शरीर में डैमेज सेल्यूलर सेल्स कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं। ऐसे में सन चार्ज पानी पीने से सेल्यूलर लेवल को हुए नुकसान से निपटने में मदद मिलती है।
किस रोग की बॉटल में रखा पानी, किस रोग में करता है काम
1. अगर सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार है तो लाल, पीले व नारंगी रंग की बोतल में पानी भरकर रखें।
2. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी है तो हरे रंग की बोतल का इस्तेमाल करें।
3. नीली, आसमानी या बैंगनी रंग की बोतल के प्रयोग से एसिडिटी, अल्सर, ब्लड प्रेशर व पेट संबंधी रोगों में आराम मिलता है।
4. सफेद बॉटल में रखा पानी आप एनर्जी के लिए पी सकते हैं।
घर में सन चार्ज पानी कैसे बनाएं
रोग के अनुसार कांच की रंगीन या सादी बॉटल लें कर उसमें फिल्टर्ड वाटर भर दें। कम से कम 8 घंटे के लिए धूप में रखें। इसे एक दिन या तीन दिन तक आप धूप में रख सकते हैं। बस पानी को रेफ्रिजरेट नहीं करना होता है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Published on:
2 May 2022, 1:22 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.