
sleep habits brain health
न्यूयॉर्क: एक नए शोध में बताया गया है कि बहुत कम या बहुत ज्यादा नींद लेना आपके दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है और भविष्य में स्ट्रोक और डिमेंशिया का खतरा बढ़ा सकता है।
कैसे हुआ शोध?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित इस शोध में दिमाग के स्वास्थ्य को मापने के दो तरीकों का इस्तेमाल किया गया:
मैटर हाइपर इंटेंसिटी (WMH): ये दिमाग पर घाव होते हैं जो दिमाग की उम्र बढ़ने का संकेत देते हैं।
फ्रैक्शनल एनिसोट्रॉपी: यह तंत्रिका तंतुओं के साथ पानी के प्रवाह की एकरूपता को मापता है।
अधिक WMH, बड़े WMH और कम फ्रैक्शनल एनिसोट्रॉपी स्ट्रोक और डिमेंशिया के बढ़ते जोखिम से जुड़े हैं।
शोध में क्या मिला?
शोधकर्ताओं ने करीब 40,000 स्वस्थ, मध्यम आयु वर्ग के लोगों के दिमाग की छवियों की जांच की। उन्होंने पाया कि:
कम नींद (7 घंटे से कम): इससे WMH का खतरा बढ़ जाता है, WMH का आकार बढ़ जाता है और फ्रैक्शनल एनिसोट्रॉपी कम हो जाता है।
ज्यादा नींद (9 घंटे से ज्यादा): इससे फ्रैक्शनल एनिसोट्रॉपी कम हो जाता है और WMH का आकार बढ़ जाता है, लेकिन WMH का खतरा नहीं बढ़ता।
शोधकर्ताओं का क्या कहना है?
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह शोध इस बात का सबूत है कि नींद दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे नींद की अवधि को दिमाग के स्वास्थ्य के लिए एक जोखिम कारक के रूप में समझने में मदद मिलती है।
उनका मानना है कि मध्यम आयु दिमाग के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। अच्छी नींद की आदतें अपनाकर आप अपने दिमाग को स्वस्थ रख सकते हैं।
आप क्या कर सकते हैं?
रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद पूरी कोशिश करें।
सोने का एक नियमित समय बनाएं और उसका पालन करें।
सोने से पहले स्क्रीन से दूर रहें।
आरामदायक माहौल में सोएं।
अपनी नींद की आदतों पर ध्यान दें और दिमाग को स्वस्थ रखें!
Updated on:
01 Feb 2024 12:19 pm
Published on:
01 Feb 2024 12:17 pm
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