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पैरों में सूजन और मांसपेशियों में बढ़ रहा दर्द, तो समझ लें बॉडी में ज्यादा हो रही है ये एक चीज

Disadvantages of eating too much salt- नमक शरीर के लिए जितना जरूरी है, उतना ही शरीर में इसका बैलेंस बना रहना भी अहम है। इसकी अधिकता से आपको अनजाने में नुकसान हो सकता है क्योंकि कई बार हमें पता भी नहीं चलता और हम ज्यादा नमक खा रहे हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि किन शरीर के लक्षणों से आप पहचान सकते हैं कि आप ज्यादा नमक खा रहे हैं।

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Ritu Singh

Mar 13, 2022

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पैरों में बढ़ रही सूजन और मासपेशियों में बढ़ रहा दर्द, तो बॉडी में ज्यादा हो रही ये एक चीज

फिल्म शोले का गब्बर-कालिया डायलॉग आपके जेहन में जरूर होगा, जिसमें नमक का जिक्र आता है। कालिया कहता है कि सरदार मैंने आपका नमक खाया है, तो गब्बर जवाब देता है- तो अब गोली खा। जी हां, आज हम बात कर रहे हैं नमक की। अगर आपने भी एक निश्चित मात्रा से ज्यादा नमक खाया, तो आपको भी दवा की गोलियां खानी पड़ सकती हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो एक दिन में आपके खान-पान में 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं होना चाहिए। ये एक व्यावहारिक सच है कि हमें पता भी नहीं चलता और हम ज्यादा नमक खाने लगते हैं। अगर हम कम नमक खाते हैं तो हमारा टेस्ट बड उसी के मुताबिक ढल जाता है, वहीं अगर हम ज्यादा नमक खाने लगते हैं तो कुछ समय बाद हल्के नमक वाली चीजें फीकी लगने लगती हैं।

मेडिकल एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ज्यादा नमक खाने से शरीर में कई ऐसे लक्षण नजर आते हैं, जिनका समय रहते इलाज न किया जाए तो हालत गंभीर भी हो सकती है।
ज्यादा नमक खाने से नुकसान
डिहाइड्रेशन- ज्यादा नमक खाने से हमारे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। वजह ये है कि नमक में पया जानेवाला सोडियम हमारी आंतों के जरिये शरीर में अवशोषित होता है और अपने साथ पानी भी लाता है। यह खून के पार्ट जैसे प्लाज्मा, टिशूज को जरूरी खनिज उपलब्ध कराता है। शरीर में ज्यादा सोडियम पहुंचने से आपको ज्यादा पसीना आ सकता है, पेशाब आ सकती है, उल्टी और दस्त की भी समस्या हो सकती है। आपको बार-बार प्यास लगती है, जिसकी वजह से आपको बार-बार पानी पीना पड़ सकता है और स्थिति काबू में न आने पर डॉक्टर से सलाह भी लेनी पड़ सकती है।
ब्लड प्रेशन बढ़ने का रिस्क - शरीर में खून की सप्लाई में बड़ी मात्रा में सोडियम होता है, तो इसे पतला करने के लिए पानी हमारे टिशूज से बाहर निकल जाता है। इससे टिशूज को खतरा पैदा हो जाता है। सबसे ज्यादा ***** मस्तिष्क के टिशूज को लेकर रहता है। जैसे ही ये टिशूज सिकुड़ते हैं, वे अपने सामान्य जगहों से दूर चले जाते हैं। ऐसे में रक्त वाहिकाओं में हेमरेज हो सकता है और मस्तिष्क में तरल पदार्थ का निर्माण कोमा की वजह बन सकता है। इसके अलावा फेफड़ों में भी पानी भरने का रिस्क बढ़ सकता है। इसके चलते सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

शरीर में सूजन - नमक के ज्यादा सेवन से शरीर में सूजन हो सकती है। दरअसल, नमक शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ाता है और ज्यादा पानी पीने की इच्छा के चलते हमारे शरीर में पानी की अधिकता हो जाती है। ये पानी आपके टिशूज में चला जाता है और शरीर के अलग-अलग अंगों में रुक जाता है। मेडिकल टर्म में इसे एडीमा कहते हैं। टिशूज में भी इसकी वजह से सूजन बढ़ जाती है।
ऑस्टियोपोरोसिस- शरीर में ज्यादा नमक और प्रोटीन के चलते पेशाब में कैल्शियम बढ़ने का रिस्क होता है। इससे हडि्डयों में से कैल्शियम निकलने लगता है। इसलिए ज्यादा नमक खाने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। हडि्डयां कमजोर होने लगती हैं और उनके टूटने की आशंका बढ़ जाती है।

मांसपेशियों में दर्द- हमारी मांसपेशियों के लिए नमक जरूरी है। इससे मांसपेशियों में लचीलापन बना रहता है, नर्वस सिस्टम सुचारु तरीके से काम करता है और खून की समान सप्लाई बनी रहती है। यह आपके शरीर में द्रव के स्तर को भी नियंत्रित करता है। लेकिन हम जब ज्यादा नमक खाते हैं, तो ये मांसपेशियों में दर्द का भी कारण बनता है। इसके पीछे एक कारण ये भी है कि नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है और वॉटर रिटेंशन को बढ़ा कर मांसपेशियों में ऐंठन लाता है।
इसलिए किसी को भी नमक के ज्यादा सेवन से बचना चाहिए। नहीं तो, ये शरीर को कई प्रकार से नुकसान पहुंचाते हैं। ये आगे चलकर, दिल और किडनी से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकते हैं और आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं

(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)