
पैरों में अकड़न और नसों में खिंचाव के साथ होने लगे ऐसी दिक्कतें आस्टियोऑर्थराइटिस का लक्षण है
वेट बढ़ना और आरामदायक जीवन जीना शरीर की कई बीमारियों का कारण बनता है। यही नहीं, लगातार एक ही पोजिशन में बैठे रहने और पैरों में मूवमेंट कम होने से भी हडि्डयों से जुड़ी बीमारियां होती हैं। इन सब के साथ अगर वेट भी ज्यादा हो तो हडि्डयों की गंभीर बीमारी ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। ये बीमारी आर्थराइटिस का ही एक प्रकार है। पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में ये बीमारी नजर आती है। इस बीमारी की वजह, लक्षण और बचाव क्या है, चलिए इसके बारे में जानें।
Osteoarthritis Symptoms-ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण
पैरों में दर्द होना इसका सबसे पहला लक्षण है। पैर के घुटने के पीछे और पिंडिलियों में दर्द होना।
घुटने के आगे और पीछे जकड़न सी महसूस होना या हडि्डयों के चटकने जैसा दर्द महसूस होना।
घुटने के साथ नीचे की ओर पैरों में सूजन का होना। ये सूजन दर्द से पहले ही बनने लगती है। ये दर्द धीरे धीरे बढ़ता है।
Osteoarthritis Reason- ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण
बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, खानपान और एक्सरसाइज की कमी ही इस बीमारी की मुख्य वजह होती है। कुछ मामलों में ये जेनेटिक भी होती है। जो लोग एक जगह बैठे या लेटे रहते हैं, उनमें ये बीमारी सबसे ज्यादा होता है। दूसरा, जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, उनमें भी ये समस्या नजर आती है। क्योंकि वेट बियरिंग ज्वाइंट्स जैसे हिप और नी के साथ एंकल्स के ज्वाइंट्स के आर्टिकुलर कार्टिलेज डैमेज होने लगते हैं।
आर्टिकुलर कार्टिलेज हड्डियों के बीच में एक प्रकार के मुलायम कुशन की तरह काम करता है। धीरे-धीरे जब यह कार्टिलेज नष्ट होने लगती है, तब जोड़ों के मूवमेंट के वक्त हड्डियां एक दूसरे से टकराने लगती हैं। इस टकराहट से जॉइंट बेहद कष्टकारी हो जाता है। यह रोग अक्सर पचास साल या उससे अधिक आयु में लोगों को प्रभावित करता है। वैसे तो यह किसी भी जॉइंट को नुक्सान दे सकता है पर घुटने के जॉइंट के रोगी सबसे अधिक पाए जाते हैं।
Osteoarthritis Primery Treatment- ऑस्टियोआर्थराइटिस के सामान्य प्रारम्भिक उपचार
अन्य गठिया रोगों की तरह ऑस्टियोआर्थराइटिस भी अपनी प्रारम्भिक अवस्था में सामान्य उपचारों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए वजन कम करना, एक्सरसाइज करना, जोड़ों के लिए एक्सरसाइज करना आदि शामिल है। साइकिलिंग करना, वॉक करना आदि ऐसी एक्सरसाइज करनी चाहिए, जिससे घुटनों पर बहुत ज्यादा प्रेशर न पड़ें। फिजियोंथेरपी के जरिये भी नी की एक्सरसाइज सीखें और उसे रोज करें।
Osteoarthritis Diet Therepy-ऑस्टियोआर्थराइटिस में डाइट
ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों को प्रोटीन वाली चीजें नहीं खानी चाहिए। दाल, फलियां, पनीर, सोयाबीन आदि जिसमें भी प्रोटीन की मात्रा ज्यादा हो बंद कर दें। ऑस्टियोआर्थराइटिस में लो प्रोटीन, लो फैट के साथ खट्टी चीजाें से परहेज जरूरी है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Published on:
06 Apr 2022 01:44 pm
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