
डेंगू की मुख्यतया तीन स्टेज होती है। पहली स्टेज क्लासिकल होती है जो खतरनाक नहीं होती है। दूसरी हेमरेजिक फीवर और तीसरी शॉकिंग सिंड्रोम की स्टेज होती है जो खतरनाक स्टेज होती है। हेमरेजिक फीवर में प्लेटलेट्स घटने से रक्तस्राव हो सकता है। इसके अलावा शॉकिंग सिंड्रोम स्टेज में मरीज का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरता है। मरीज की जान जा सकती है।
इन लक्षणों से पहचानें डेंगू
मरीज को पांच दिन तक तेज बुखार और अधिक सर्दी लगती है। सिर, कमर, जोड़ दर्द, थकावट और कमजोरी लगती है। हल्की खांसी, गले में खराश, लाल रंग के दाने दिखते हैं। ये दाने शुरू में 2-3 दिन और 6-7 दिन बाद दिखते हैं। प्लेटलेट्स तेजी से गिरती हैं, इसे कंट्रोल करना ज़रूरी है। प्लेटलेट्स घटने से अंदरूनी अंगों से ब्लीडिंग हो सकती है। ज्यादा स्थिति बिगड़ने पर खून की उल्टियां हो सकती हैं। मल में ब्लड भी आ सकता है।
जिनकी इम्यूनिटी कमजोर उन्हें डेंगू का खतरा अधिक
कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले जल्द बीमार पड़ते हैं। डेंगू में भी ऐसे लोग जल्द चपेट में आते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को खतरा ज्यादा रहता है।क्योंकि इनकी इम्यूनिटी अन्य की तुलना में ज्यादा कमजोर होती है।
जानें क्यों कम होती है प्लेटलेट्स
प्लेटलेट्स ब्लड का प्रमुख हिस्सा होती हैं। यह 4-7 दिन में स्वत: नष्ट होती है।प्लेटलेट्स का काम शरीर में ब्लड को नियंत्रित रखना होता है। प्लेटलेट्स की संख्या घटने से खून का थक्का नहीं बनता हैं। इसलिए प्लेटलेट्स ज्यादा घटने से अंदरूनी रक्तस्राव होता है। इसके लिए कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) टेस्ट कराते हैं।
डेंगू का इलाज व सावधानियां
साधारण डेंगू बुखार का इलाज घर से किया जा सकता है। डॉक्टर की सलाह से बुखार के लिए कोई दवा ले सकते हैं। कोई दर्दनिवारक दवा न लें। इससे प्लेटलेट्स कम हो सकती हैं। यदि बुखार 102 डिग्री से ज्यादा हो तो सिर पर पानी की पट्टी रखें। सामान्य रूप से नाश्ता व भोजन करें, खाली पेट न रहें। डेंगू मरीज को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजें देनी चाहिए। डेंगू में मरीज को अधिक से अधिक आराम करना चाहिए
डेंगू में इन चीजों को न करें
मरीज को ठंडा पानी न दें, मैदा और बासी खाना न खाएं। खाने में हल्दी, अजवाइन, अदरक, हींग ज्यादा प्रयोग करें। इस समय पत्तेदार सब्जियां, अरबी और फूलगोभी न खाएं। हल्का खाना खाएं जो आसानी से पच सके और सात—आठ घंटे की नींद लें। मिर्च मसालेदार, तला—भुना व गरिष्ठ खाना बिल्कुल न खाएं। उबालकर पानी पीएं और तरल चीजें ज्यादा लें। मरीजों को छाछ, नारियल पानी, नीबू पानी देना फायदेमंद होता है।
एक्सपर्ट : डॉ. सुनील महावर, फिजिशियन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर
Published on:
12 Nov 2019 04:50 pm

बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
