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दोपहर में न सोएं रात की तरह, हो जाएगी ये बीमारी

दोपहर के समय एक घंटे से अधिक नींद लेने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 85 फीसदी बढ़ सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के एक अध्ययन के मुताबिक तीन लाख लोगों पर हुए शोध में पाया गया कि दिन में 60 मिनट से अधिक की नींद नुकसान पहुंचा सकती है।
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raghuveer singh

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Updated: 25 Oct 2016, 8:29 PM IST

दोपहर के समय एक घंटे से अधिक नींद लेने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा 85 फीसदी बढ़ सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो के एक अध्ययन के मुताबिक तीन लाख लोगों पर हुए शोध में पाया गया कि दिन में 60 मिनट से अधिक की नींद नुकसान पहुंचा सकती है।

शोध के अनुसार दिन में अधिक नींद रात की नींद को बाधित करती है। जिससे दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। नींद पूरी न होने पर भूख अधिक लगती है जिससे ब्लड शुगर का स्तर आसामान्य होता है। दिन के समय 85 मिनट या इससे कम समय की नींद ही काफी है।

डायबिटीज व मोटापे से जुड़ा लिवर कैंसर डायबिटीज टाइप-2 के रोगी का अधिक वजन लिवर कैंसर का कारण बन सकता है। सामान्यत: महिलाओं की कमर का घेरा 30 व पुरुषों का 34 इंच होना चाहिए लेकिन अमरीकन कैंसर सोसायटी के एक शोध में पाया कि घेरा 5 सेमी बढऩे पर कैंसर की आशंका 7 फीसदी बढ़ जाती है। बीएमआई 37 से अधिक होने पर इस लिवर कैंसर का खतरा 25 से अधिक हो जाता है ऐसे में वजन नियंत्रित रखें।

विटामिन की कमी से माइग्रेन की दिक्कत माइग्रेन के कई कारणों में से शरीर में विटामिन की कमी को भी इसके लिए जिम्मेदार माना गया है। जो बच्चों और युवाओं दोनों में हो सकता है। हाल ही अमरीका स्थित सिनसिनाटी चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने माइग्रेन के मरीजों पर एक शोध किया। जिसमें पाया कि विटामिन-डी, राइबोफ्लेविन और कोएंजाइम क्यू-10 की कमी माइगे्रन की समस्या के कारण हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार विटामिन-बी2 से भरपूर चीजें जैसे दूध, बादाम, पनीर आदि अंगों की कोशिकाओं तक ऊर्जा पहुंचाकर माइग्रेन से बचाव करते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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