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कोरोना संक्रमितों के इलाज में ये आयुवेर्दिक दवा हो सकती है कारगर

कोरोना के इलाज के लिए यह दवा संजीवनी साबित हो सकती है। हालांकि अभी इसका परीक्षण किया जा रहा है। कोविड-19 विषाणु का मुकाबला करने के लिए लैक्टिफेरिन फोर्टे प्रभावी दवा साबित हो सकती है।

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कोरोना

लैक्टिफेरिन औषधीय गुणों को प्रदर्शित करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। मैड्रिड के अस्पताल में इस दवा से उपचार शुरू किया जा चुका है। चूंकि कोविड-19 विषाणु कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को लक्षित करता है, ऐसे में इस रोग के खिलाफ यह गुणकारी दवा बन सकती है।
300 रोगियों पर परीक्षण
स्पेन की नैनो टेक्नोलॉजी में दिग्गज कंपनी सेसडर्मा लैबरोटरीज ने एक बयान में कहा कि मैड्रिड के इस्मा अस्पताल में लेक्टिफेरिन के साथ उपचार शुरू हो चुका है और मैड्रिड और वेलेंसिया के विभिन्न अस्पतालों में 300 रोगियों पर दवा का परीक्षण किया जाएगा। कोविड-19 विषाणु के खिलाफ दवा की भारी सफलता को देखते हुए, सेसडर्मा ने वैलेंसियन समुदाय के स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ एक आधिकारिक अनुबंध किया है।
जल्द बताएंगे राज-कैसे ठीक हुए मरीज
सेसडर्मा लेबोरेटरीज के सीईओ और संस्थापक डॉ. गेब्रियल सेरानो सनमीग्ल ने कहा कि कंपनी जल्द ही इस संबंध में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से संपर्क करेगी और बताएगी कि 75 रोगियों को पूरी तरह से ठीक करने में कैसे सफलता मिली। सेसडर्मा आईसीएमआर को यह प्रस्ताव देगी कि लेक्टिफेरिन दवा की प्रभावशीलता सत्यापित करने के लिए वे अपना परीक्षण कर सकते हैं। इसके लिए सेसडर्मा 30 से 40 मरीजों के साथ आईसीएमआर को स्वैच्छिक सहयोग देने की पेशकश करेगी।