
थायरॉइड ग्रंथि सबसे बड़ी अंतस्त्रावी ग्रंथि होती है, यह गर्दन के नीचले भाग में स्थित होती है। यह तितली के आकार की होती है। थायरॉइड ग्रंथि से दो हार्मोन निकलते हैं, पहला टी4 और दूसरा टी3। ये दोनों हार्मोन शरीर सामान्य गतिविधियां मेटाबॉलिक एक्टिविटी, प्रजनन और ग्रोथ संबंधित गतिविधियों को कंट्रोल करते हैं, हमारे शरीर के हर एक अंग और हर कोशिका के सही संचालन के लिए थायरॉइड हार्मोन की आवश्यकता है।
थायरॉइड ग्रंथि का आकार बढ़ने को गोइटर बोलते हैं, जो थायरॉइड ग्रंथि में अनेक बीमारियों की वजह से हो सकते हैं। मूलत: थायरॉइड की दो तरह की बीमारियां होती हैं।
बच्चों में थायरॉइड के लक्षण
जब बच्चों में जन्मजात थायरॉइड होता है, तो उन्हें मानसिक मंदता हो जाती है। बच्चे अपरिपक्व रह जाते हैं और उनकी लम्बाई नहीं बढ़ पाती। इसका अगर समय पर ईलाज नहीं हो पाता तो, बच्चे मानसिक रूप से विकसित नहीं हो पाते। वहीं गर्भावस्था के दौरान यदि थायरॉइड का ईलाज सही समय और सही मात्रा में न हो तो। तो बच्चों में मानसिक रूप से मंदता का खतरा बढ़ जाता है।
थायरॉइड के ईलाज
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Published on:
31 Jan 2024 12:32 pm
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