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मर्ज भगाने का एक और देसी तरीका

यूनानी चिकित्सा पद्धति में खून, बलगम, सफरा (पीला पित्त) और सौदा (काला पित्त) को रोग का कारण माना गया है।

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Super Admin

Jan 16, 2015

जयपुर। यूनानी चिकित्सा पद्धति में खून, बलगम, सफरा (पीला पित्त) और सौदा (काला पित्त) को रोग का कारण माना गया है।

इसमें आयुर्वेद की तरह जड़ी बूटियों का प्रयोग होता है, सिर्फ उनके नाम बदलते हैं।

जैसे अश्वगंधा को असगंध नागौरी कहते हैं और परवाल भस्म जो मूंगा से तैयार होती है, यूनानी में उसे परवाल नहीं मूंगा ही कहते हैं।

सतावर, ब्राह्मी, अशोक व अर्जुन के पेड़ की छाल जैसी जड़ी बूटियों के प्रयोग से भस्म, शरबत, चटनी या पाउडर तैयार करते हैं।

यूनानी चिकित्सा में मर्ज के हिसाब से परहेज होता है जैसे जोड़ों के दर्द में ठंडी चीजें और सांस की तकलीफ में खटाई खाने से मना किया जाता है।
सैय्यद मोहम्मद नजम, निदेशक, यूनानी चिकित्सा विभाग, राजस्थान सरकार


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