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आंखों से जुड़े विभिन्न लक्षण करते हैं कई रोगों की ओर इशारा

आंखें शरीर का प्रमुख अंग होती हैं। विभिन्न मौसम के अनुरूप आंखों में अनेक रोगों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए आंखों से जुड़े विभिन्न लक्षण कई तरह के रोगों की ओर इशारा करते हैं।

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Divya Sharma

Nov 19, 2019

आंखों से जुड़े विभिन्न लक्षण करते हैं कई रोगों की ओर इशारा

आंखों से जुड़े विभिन्न लक्षण करते हैं कई रोगों की ओर इशारा

किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर विशेषज्ञ सबसे पहले आंखों की जांच करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि कई रोगों की जानकारी आंखों से ही मिलती है। जानते हैं कि आंखों में किसी भी तरह का बदलाव होने से कौनसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।
एलर्जी : आंखों में एलर्जी होना सामान्य बात है जिसका आंखों की गुलाबी रंगत से पता लगाया जा सकता है। एलर्जी किसी भी प्रकार की हो सकती है जैसे धूल-मिट्टी और धूप से भी।
आइराइटिस : कई बार आंखों में कचरा गिरने या हल्की चोट लगने से आंख की पुतली और पर्दे पर सूजन व जलन होने लगती है जिस वजह से आंख का रंग बदलकर बैंगनी हो जाता है। इस समस्या को आइराइटिस कहते हैं।
ड्राई आई सिंड्रोम : इस बीमारी में आंख से आने वाला पानी कॉर्निया की स्थिति बताता है। साथ ही आंख पर कोई चोट या खरोंच की वजह से भी पानी आने की समस्या होने लगती है।
काला मोतिया : लंबे समय से दर्द महसूस होने और लालिमा दिखने से आंख में काले मोतिया की समस्या की आशंका हो सकती है।
ब्लिफरिट्स : आंखों की पलकों के किनारे इंफेक्शन होनेे पर जब सूखापन, खिंचाव, सूजन और आंखों को खोलने व बंद करते समय दर्द महसूस हो तो इस समस्या को ब्लिफरिट्स कहते हैं।
गुहैरी: कई बार आंख के अंदरूनी या बाहरी भाग में इंफेक्शन होने के कारण दर्दभरी फुंसी हो जाती है। इसे गुहैरी कहते हैं। ऐसे में आंख बंद करने में परेशानी महसूस होती है।
मोतियाबिंद : आंख की पुतली के आसपास अगर सफेद घेरा या चमक दिखाई देने लगे तो यह मोतियाबिंद जैसे रोग का इशारा हो सकता है। इस अवस्था में व्यक्ति को दिखने में धुंधलापन, हल्का दर्द व सूजन महसूस होने लगती है।
डायबिटीज : यदि आंखों की रंगत में फीकापन, सफेद धब्बे बनना, खून की नसें फूलने, खून के थक्के बनने और झिल्ली का पतला होना जैसे लक्षण दिखाई या महसूस होने लगे तो एनीमिया, किडनी रोग, डायबिटीज और बीपी जैसी समस्याओं के होने की आशंका हो सकती है।
नोट : इनमें से किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
एक्सपर्ट : डॉ. सुनील गुप्ता, ग्लूकोमा एक्सपर्ट