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प्रेग्नेंसी में जरूर खाएं ये सुपरफूड्स, कंप्यूटर जैसा इंटेलिजेंट पैदा होगा बच्चा

Increase Baby Intelligence In Womb : हर माता-पिता की चाहत होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ, सुंदर और बुद्धिमान हो। क्या आप जानते हैं कि आप गर्भ (Womb) में पल रहे शिशु को भी इंटेलिजेंट बना सकते हैं? जी हाँ, यह सच है! आइए जानते हैं कुछ ऐसे तरीके जिनसे आप अपने बच्चे के मस्तिष्क (Brain development) विकास को बढ़ावा दे सकते हैं और उसे गर्भ में ही अधिक बुद्धिमान बना सकते हैं।

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Increase Baby Intelligence In Womb

Increase Baby Intelligence In Womb

माँ का खान-पान (Mother's eating habits) बच्चे के स्वास्थ्य और विकास को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान, पौष्टिक भोजन न केवल शिशु के शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि उसके मानसिक विकास को भी बढ़ावा देता है। क्या आप जानते हैं कि कुछ विशेष खाद्य पदार्थ आपके बच्चे को अधिक बुद्धिमान बनाने में मदद कर सकते हैं? जी हाँ, यह सच है!

हम उन सुपरफूड्स के बारे में जानेंगे जिनका सेवन करके आप अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को सुपर इंटेलिजेंट (Baby in your womb super intelligent) बना सकती हैं। इन सुपरफूड्स में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं जो मस्तिष्क के विकास (Brain development के लिए आवश्यक होते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन आपके बच्चे को तेज दिमाग और बेहतर एकाग्रता प्रदान करने में मदद कर सकता है।

यह कैसे संभव है?

गर्भावस्था के दौरान (During pregnancy) , शिशु का मस्तिष्क तेजी (brain develops से विकसित होता है। इस दौरान, मस्तिष्क की कोशिकाएं बनती हैं और आपस में संबंध बनाती हैं। आप जो खाती हैं, वह इन कोशिकाओं के विकास और कार्य को प्रभावित करता है। कुछ पोषक तत्व मस्तिष्क के विकास के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होते हैं।

गर्भावस्था में इन सुपरफूड्स का सेवन करेंगी तो आपका बच्चा बनेगा सुपर इंटेलिजेंट If you consume these superfoods during pregnancy, your baby will become super intelligent.

ओमेगा-3 और आयोडीन: आपके बच्चे के मस्तिष्क विकास के लिए सुपर पोषक तत्व!
शिशु के मस्तिष्‍क के विकास के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड सबसे जरूरी तत्व है। ओमेगा-3 फैटी एसिड का मुख्य सोर्स सैल्‍मन फिश होती है। अगर आप फिश नहीं खातीं तो इसका सप्लिमेंट भी ले सकती हैं। सैल्‍मन फिश और ऑएस्‍टर में आयोडीन खूब होत है और आयोडिन गर्भ में पल रहे बच्चे के मानिसक विकास के लिए बहुत जरूरी तत्व है।

हरी सब्जियां और दालें: आपके बच्चे के मस्तिष्क विकास के लिए सुपरफूड्स

पालक, बथुआ, तरोई, भिंडी आदि में भरपूर मात्रा में फोलिक एसिड होता है। दालों में भी ये पाया जाता है और फोलिक एसिड बच्चे के शरीरिक संरचना ही नहीं, मानिसक संरचना के लिए भी जरूरी है। हरी पत्तेदार सब्जियों और कुछ दालों को खाने से बच्‍चे के मस्तिष्‍क के ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचता है। सब्जियों में मौजूद फोलिक एसिड न्‍यूरल ट्यूब डिफेक्‍ट के साथ ही शिशु को कई तरह के हार्ट डिफेक्‍ट से भी बचा सकता है।

बादाम-अखरोट और कद्दू के बीज

बादाम और अखरोट तो शायद हर मां जानती हैं कि तेज दिमाग के लिए जरूरी है। इन नट्स में हेल्‍दी फैट्स, मैग्‍नीशियम, विटामिन ई और प्रोटीन होता है। अखरोट और बादाम में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी खूब होता है, इससे ये तेज दिमाग मिलता है। प्रेग्नेंसी में रोज बादाम-अखरोट और कद्दू के बीज जरूर खाएं। कद्दू के बीजों में जिंक होता है जो मस्तिष्‍क की संरचना और जानकारी की कॉग्‍नीटिव प्रोसेसिंग को बढ़ावा देता है। इसमें पोषण के साथ एंटीऑक्‍सीडेंट भी खूब होते हैं।

दूध और बींस

गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्‍क में नसों की कोशिकाओं तक ऑक्‍सीजन पहुंचाने के लिए आयरन की जरूरत होती है। बींस में प्रचुर मात्रा में आयरन होता है। वहीं, पालक, अंजीर, चिकन और किशमिश में भी आयरन भरपूर होता है। वहीं, दूध शिशु के बौद्धिक कार्यों को बढ़ावा देता है और मस्तिष्‍क के विकास में मदद करता है।

खजूर और व्यायाम: आपके बच्चे के मस्तिष्क विकास के लिए दो महत्वपूर्ण पहलू

गर्भावस्था एक अद्भुत अनुभव है, जब आप एक नए जीवन को जन्म देती हैं। इस दौरान, पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए, बल्कि आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। खजूर आयरन और फोलेट जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं। हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें मस्तिष्क भी शामिल है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।