
गर्भवती महिला को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
In Vitro Fertilization: शादी के बाद ज्यादातर कपल्स की इच्छा होती है कि उनके घर भी बच्चे की किलकारी गूंजे। लेकिन कई बार महीनों या वर्षों की कोशिश के बावजूद प्रेग्नेंसी नहीं ठहरती। ऐसे में तनाव, चिंता और निराशा बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, आज मेडिकल साइंस ने ऐसी कई तकनीकें विकसित कर ली हैं जो माता-पिता बनने के सपने को पूरा करने में मदद कर सकती हैं। इनमें सबसे चर्चित तकनीकों में से एक है IVF (In Vitro Fertilization)।
मेयो क्लिनिक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट (NICHD), NHS और मेडलाइनप्लस के अनुसार IVF एक प्रकार की सहायक प्रजनन तकनीक (Assisted Reproductive Technology) है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण में कठिनाई आ रही हो।
सरल शब्दों में कहें तो IVF एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें महिला के अंडाणु (Egg) और पुरुष के शुक्राणु (Sperm) को शरीर के बाहर लैब में मिलाया जाता है। जब निषेचन (Fertilization) सफल हो जाता है और भ्रूण (Embryo) बन जाता है, तो उसे महिला के गर्भाशय (Uterus) में स्थानांतरित किया जाता है ताकि गर्भधारण हो सके।
Mayo Clinic के अनुसार IVF का उपयोग कई कारणों से किया जा सकता है, जैसे:
हालांकि हर व्यक्ति को IVF की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर जांच के बाद उचित उपचार का सुझाव देते हैं।
महिला को कुछ दवाएं दी जाती हैं ताकि एक से अधिक अंडाणु विकसित हो सकें।
एक छोटी मेडिकल प्रक्रिया के जरिए अंडाणुओं को निकाला जाता है।
निकाले गए अंडाणुओं को शुक्राणुओं के साथ लैब में मिलाया जाता है।
कुछ दिनों तक भ्रूण को लैब में विकसित होने दिया जाता है।
स्वस्थ भ्रूण को महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है।
इसके बाद कुछ दिनों में प्रेग्नेंसी टेस्ट के जरिए परिणाम की जांच की जाती है।
यह एक आम सवाल है। NHS और Mayo Clinic के अनुसार IVF की सफलता कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे:
यही वजह है कि हर IVF चक्र में सफलता की गारंटी नहीं होती।
NICHD और MedlinePlus के अनुसार IVF की प्रक्रिया शारीरिक के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। कई दंपतियों को उम्मीद, चिंता और तनाव जैसी भावनाओं का सामना करना पड़ता है। इस दौरान परिवार का सहयोग, सही जानकारी और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
IVF कई वर्षों से इस्तेमाल की जा रही एक स्थापित तकनीक है। हालांकि हर मेडिकल प्रक्रिया की तरह इसके भी कुछ जोखिम और सीमाएं हो सकती हैं, जिनके बारे में डॉक्टर पहले से जानकारी देते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
22 Jun 2026 02:23 pm
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