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पैर में फ्रैक्चर था, फिर भी Miss Universe 2026 की फाइनलिस्ट बनीं Annie Sharma, जानिए रिकवरी में मानसिक मजबूती क्यों है जरूरी

Miss Universe 2026 फाइनलिस्ट Annie Sharma ने पैर में फ्रैक्चर के बावजूद अपने सपने को नहीं छोड़ा। NCBI रिसर्च के अनुसार चोट के बाद मानसिक मजबूती और सकारात्मक सोच रिकवरी में अहम भूमिका निभाती है।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 22, 2026

Annie Sharma Fracture Recovery Mental Strength

Miss Universe 2026 की राष्ट्रीय फाइनलिस्ट Annie Sharma की फोटो (photo- insta @missuniverseindiaorg)

Fracture Recovery Mental Health: जब मिस यूनिवर्स इंडिया ऑर्गनाइजेशन ने एनी शर्मा (Annie Sharma) को मिस यूनिवर्स 2026 (Miss Universe 2026) की राष्ट्रीय फाइनलिस्ट घोषित किया, तो लोगों ने मंच पर एक आत्मविश्वासी और मुस्कुराती हुई मॉडल को देखा। लेकिन इस मुस्कान के पीछे दर्द, डर और संघर्ष की ऐसी कहानी थी, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे।

एनी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि प्रतियोगिता से कुछ दिन पहले ही उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। ऐसे समय में जब अधिकांश लोग आराम करने की सलाह देते, एनी अपने सपने को बचाने की कोशिश कर रही थीं।

फ्रैक्चर सिर्फ हड्डी नहीं, आत्मविश्वास को भी प्रभावित कर सकता है

NCBI (National Center for Biotechnology Information) में प्रकाशित एक रिसर्च रिव्यू के अनुसार, लंबे समय तक दर्द, चलने-फिरने में दिक्कत और रोजमर्रा की गतिविधियों में रुकावट आने से कई लोगों में तनाव, चिंता (Anxiety) और आत्मविश्वास में कमी देखी जा सकती है। यही वजह है कि चोट के बाद मरीज को सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग की भी जरूरत होती है। एनी ने भी बताया कि कई बार उन्हें लगा कि शायद वे प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। हर कदम दर्द देता था और हार मान लेना आसान लग रहा था।

रिकवरी के दौरान जल्दबाजी क्यों हो सकती है नुकसानदायक?

फ्रैक्चर के बाद शरीर को ठीक होने के लिए समय चाहिए होता है। सही इलाज, फिजियोथेरेपी, संतुलित आहार और पर्याप्त आराम रिकवरी का अहम हिस्सा हैं। एनी ने भी धीरे-धीरे अपने पैर की ताकत वापस पाने के लिए एक्सरसाइज की। उन्होंने दर्द के बावजूद जल्दबाजी नहीं की, बल्कि लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ती रहीं।

सपोर्ट सिस्टम भी रिकवरी का हिस्सा है

किसी भी गंभीर चोट के बाद परिवार, दोस्तों और प्रशिक्षकों का सहयोग मरीज की रिकवरी को आसान बना सकता है। एनी ने अपनी कोच Daisy K का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुश्किल समय में उनका समर्थन सबसे बड़ी ताकत बना। यही वजह है कि मानसिक रूप से मजबूत रहना और आसपास के लोगों का साथ मिलना रिकवरी को बेहतर बना सकता है।

दर्द के बावजूद कैसे बनाए रखा आत्मविश्वास?

सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में Annie को रोते हुए, दर्द सहते हुए, एक्सरसाइज करते हुए और ऊंची हील्स पहनकर अभ्यास करते हुए देखा गया। यह दिखाता है कि किसी भी चुनौती से उबरने में केवल शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है।

रिकवरी केवल दवाओं से नहीं

एनी शर्मा की कहानी सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट तक पहुंचने की कहानी नहीं है। यह उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है जो किसी चोट, बीमारी या मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। यह कहानी बताती है कि रिकवरी केवल दवाओं से नहीं होती। धैर्य, सकारात्मक सोच, सही इलाज और मजबूत सपोर्ट सिस्टम भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। कई बार सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है जो दर्द और चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ने का साहस रखते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।