
What is PM2.5 and PM2.5 Impacts on Health
नई दिल्ली। What is PM2.5 : कुछ साल पहले देश की राजधानी ‘दिल्ली’ इंडिया गेट, लाल किला, संसद भवन जैसे मशहूर जगहों और देश की राजनीति के केंद्र के नाम से जानी जाती थी। लेकिन इस समय देश की शान यानी दिल्ली अब एक ‘गैस चैंबर’ के नाम से ज्यादा जानी जा रही है। दिल्ली की प्रदूषित होती हवा ने दिल्ली की पहचान मात्र एक सबसे प्रदूषित नगर के नाम तक सीमित कर दी है। दिल्ली शहर की हवा जहरीली होने का कारण वायु में पार्टिकुलेट मैटर (PM) के स्तर में वृद्धि होना है। PM2.5 वह वायुमंडलीय धूल के कण होते है, जिन्हें सामान्य आंखों से नहीं देखा जा सकता है। इनकों देखने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप का प्रयोग किया जाता है।
हवा में PM2.5 की मात्रा 60 होने पर ही हवा को सांस लेने के लिए सुरक्षित माना जाता है। PM10 के कणों से PM2.5 के कण छोटे होते है। 2.5 धूल, कंस्ट्रक्शन और कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है। PM2.5 ही प्रदूषण फैलाने में सबसे बड़ा किरदार निभाते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि सांस के जरिए आसानी से हमारे फेफड़ों में पहुंच जाते हैं और सेहत के दुश्मन बन जाते हैं।
PM2.5 का स्वास्थ्य पर प्रभाव
PM2.5 कण सूक्ष्म आकार के होने के कारण आसानी से हमारी सांसों के जरिये अंदर जाकर हमारे फेफड़ों, लंग्स और लीवर आदि को प्रभावित करने लगते हैं। PM2.5 कणों के कारण खांसी, जुकाम आदि समस्याओं से लेकर अस्थमा और दिल से जुड़ी बीमारियां तक होने का खतरा होता है। PM2.5 का हवा में स्तर बढ़ने का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है।
Updated on:
03 Nov 2021 02:06 pm
Published on:
03 Nov 2021 02:05 pm
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