खतरनाक व्हाइट फंगस के बारे में ये बातें ज़रूर जान लें

ब्लैक फंगस (Black Fungus) के बाद अब व्हाइट फंगस (White Fungus) ने रोगियों के लिए खतरा और बढ़ा दिया है।

By: Mohmad Imran

Published: 23 May 2021, 02:21 PM IST

कोरोना (corona pandemic) की दूसरी लहर (second wave of covid-19) में संक्रमित रोगियों के लिए भारत में मिला नया वेरिएंट B.1.617 (New Indian Variant of Corona Virus) बहुत घातक साबित हो रहा है। लेकिन एक पखवाड़े में ही ब्लैक फंगस (Black Fungus) के बाद अब व्हाइट फंगस (White Fungus) ने रोगियों के लिए खतरा और बढ़ा दिया है। कई राज्यों में तो इसे महामारी (Pandemic) तक घोषित कर दिया गया है। व्हाइट फंगस में लक्षण तो कोरोना जैसे ही होते हैं, लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आती है। ऐसे में कौन-सा ट्रीटमेंट करें, यह बड़ा प्रश्न बन जाता है। ब्लैक फंगस जहां आंखों पर हमला कर रहा है वहीं व्हाइट फंगस शरीर के सभी महत्त्वपूर्ण अंगों जैसे फेफड़े, पेट, किडनी, मस्तिष्क, मुंह के अंदर का हिस्सा, नाखून, त्वचा यहां तक की जननांगों तक को संक्रमित कर उन्हें निष्क्रिय कर रहा है।

व्हाइट फंगस के बारे में ये बातें ज़रूर जान लें

एचआरसीटी स्कैन जरूरी
अगर किसी रोग में एचआरसीटी स्कैन में कोविड डिअेक्ट हो तो डॉक्टर की सलाह से वर्तमान में म्यूकस कल्चर टैस्ट भी करवाएं। कैंसर, मधुमेह और कमजोर इम्युनिटी वाले या स्टेरॉइड का लंबे समय से उपभोग कर रहे रोगियों के लिए व्हाइट फंगस ज्यादा घातक है। नाक के ऊपरी हिस्से पर काली पपड़ी, गालों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ और खांसी इसके प्रमुख लक्षण हैं।

व्हाइट फंगस के बारे में ये बातें ज़रूर जान लें

इन अंगों को नुक्सान
भारत में कोरोना की दूसरी लहर ब्लैक फंगस के बाद अब व्हाइट फंगस से और भी घातक हो गई है। हाल ही पटना में इसके चार संक्रमित सामने आए हैं। आइए जानें कि डॉक्टर इसे ब्लैक फंगस से भी ज्यादा जानलेवा क्यों मान रहे हैं। दरअसल, व्हाइट फंगस न केवल फेफड़े बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों जैसे नाखून, त्वचा, पेट, किडनी, मस्तिष्क, निजी अंगों और मुंह को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इसके चलते कोरोना संक्रमण से जूझ रहे व्यक्ति के लिए यह फंगस जानलेवा हो सकता है।

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इन लोगों में फंगस का खतरा ज़्यादा
यह संक्रमण बेहद कमजोर इम्युनिटी वालों में या दूषित पानी की वजह से हो सकता है। इसके रोगियों में लक्षण तो कोरोना के नजर आते हैं लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आती है। कमजोर प्रतिरक्षा वाले ऐसे कोरोना रोगी जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैैं या लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहे हैं, उन्हें व्हाइट फंगस होने का खतरा अधिक होता है क्योंकि यह फेफड़ों को ज्यादा प्रभावित करता है। यह उन कोरोनावायरस रोगियों को भी प्रभावित कर रहा है जिन्हें मधुमेह या कैंसर है।

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