कम उम्र में माइग्रेन की समस्या क्यों हो रही है?

माइग्रेन (migraine) की समस्या कम उम्र में ज्यादा होती है। यह 76 फीसदी महिलाओं व 24 फीसदी पुरुषों में होती है। माइग्रेन की समस्या 70 फीसदी में मानसिक तनाव के कारण होती है। इसमें रक्त नलिकाओं के फैलने और कुछ हार्मोन्स के अत्यधिक स्रावित होने के कारण होती है। नलिकाओं के फैलने से नर्व फाइबर्स पर दबाव पड़ता है, इसलिए मरीज को तेज सिरदर्द होता है।

मस्तिष्क में स्रावित होने सेरोटोनिन हार्मोन में असंतुलन से भी माइग्रेन होता है। जब सेरोटोनिन का स्तर कम होता है तो न्यूरोपेप्टाइड का स्राव मस्तिष्क के बाहरी हिस्से में पहुंच कर माइग्रेन पैदा करता है। उम्र बढऩे के साथ ही माइग्रेन की समस्या घटने लगती है। ऐसे लोग जिनके परिवार में माइग्रेन से कोई पीडि़त हो उन्हें इसकी आशंका ज्यादा होती है। माइग्रेन को 'थ्रॉबिंग पेन इन हेडक' भी कहा जाता है।
महिलाओं को दिक्कत क्यों
हार्मोन में बदलाव भी माइग्रेन (migraine) के प्रमुख कारणों में से एक है। मासिक धर्म, मेनोपॉज और गर्भावस्था के चलते महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होतेे हैं। हार्मोनल बदलाव के कारण ही पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस रोग से ज्यादा पीडि़त होती हैं। तरक्की की होड़ के कारण युवाओं में तनाव बढ़ रहा रहा है। इस वजह से माइग्रेन की समस्या कम उम्र ही बढ़ रही है। युवाओं का देर रात सोना व सुबह देर से जागना व नींद की कमी, ज्यादा कैफीन लेना भी प्रमुख है।
एक्सपर्ट : डॉ. राजीव साहू, प्रोफेसर एंड हैड, डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरोसर्जरी, डीकेएस हॉस्पिटल, रायपुर

 

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Ramesh Singh Desk
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