सरिता की समस्या ऐसी जटिल थी, सर्जरी के वक्त उसके दिमाग का सक्रिय रहना बेहद जरूरी था। इसीलिए उसे बेहोश नहीं किया गया बल्कि सर्जरी शुरू करते ही डॉक्टरों ने उससे हफ्ते की सभी दिन, साल के सभी महीने या ऐसे ही अन्य सामान्य सवाल करने शुरू कर दिए। इसी बीच सरिता ने रबिन्द्र संगीत का गायन शुरू कर दिया। इसमें वह पूरी तरह मग्न हो गई। सरिता की सर्जरी सफलता पूर्वक पूरी हो चुकी है और वह जल्द ही घर जा सकेगी।