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वर्कआउट के साथ खुद से करें दोस्ती, जानिए क्या कहता है अध्ययन

यदि आप फिटनेस प्रेमी हैं और 2024 की शुरुआत एक नए वर्कआउट रूटीन के साथ करना चाहते हैं, तो एक शोध में व्यायाम के साथ माइंडफुलनेस को जोड़ने का सुझाव दिया गया है। जर्नल मेंटल हेल्थ एंड फिजिकल एक्टिविटी में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि जीवन में होने वाले परिवर्तन जो शारीरिक गतिविधि और जागरूकता, दोनों को जोड़ते हैं, मूड को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करने में सबसे प्रभावी होते हैं। शारीरिक गतिविधि और जागरूकता का अभ्यास दोनों के मनोवैज्ञानिक लाभ हैं।

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जयपुर

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Jaya Sharma

Jan 04, 2024

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यूके में बाथ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक यह मौजूदा शोध अध्ययनों की समीक्षा करके यह दिखाने वाला पहला अध्ययन है कि दोनों को मिलाने पर सकारात्मक प्रभाव कैसे बढ़ाया जा सकता है। निष्कर्षों से पता चलता है कि माइंडफुलनेस, व्यायाम को अनलॉक करने में मदद कर सकता है, जिससे लोगों को व्यायाम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है, साथ ही व्यायाम कठिन होने पर मामूली दर्द, परेशानी या विफलता की भावनाओं पर काबू पाया जा सकता है।

माइंडफुलनेस से तालमेल अधिक

विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य विभाग में व्यवहार परिवर्तन, जागरूकता और व्यायाम की विशेषज्ञ माशा रेम्सकर ने कहा, अधिक व्यायाम करने के संकल्प के साथ शुरुआत करने से वास्तव में सकारात्मक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। लेकिन हम जानते हैं कि शुरुआत करना कठिन हो सकता है और समय के साथ उस पर टिके रहना भी कठिन हो सकता है।' माइंडफुलनेस एक दृष्टिकोण है जो हमें व्यायाम करने के लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक शक्तियों को प्रशिक्षित करने और हमारे शरीर के साथ अधिक तालमेल बिठाने में मदद कर सकता है। यह व्यायाम को और अधिक रोचक बना सकता है और इसके लाभों को पहचानने में हमारी मदद कर सकता है।

स्वस्थ आदत बनाने में मददगार
रेम्सकर ने बताया कि अधिक जागरूक बनने से हमें अपनी जीवनशैली के बारे में अलग तरह से सोचने के लिए प्रेरित किया जाता है, यह हमें अपनी कमियों के प्रति अधिक स्वीकार्य और कम आलोचनात्मक बनाता है, जो स्वस्थ आदतें बनाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा, "व्यायाम से मिलने वाले सकारात्मक लाभों को अनलॉक करने के लिए माइंडफुलनेस का उपयोग करने की बहुत बड़ी संभावना है।