
milk
World Milk Day 2021: वर्ल्ड मिल्क डे में 70 से अधिक देश हिंसा ले रहे हैं। इन देशों में दूध के महत्व को समझने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। हालांकि, भारत में 26 नवंबर को नेशनल मिल्क डे भी मनाया जाता है। दूध मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण आहार है। जब कभी भी संपूर्ण आहार की बात होती है, उसमें दूध का नाम सबसे पहले आता है। दूध में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाने की वजह से यह सबसे ज्यादा पोषक माना जाता है।
दूध को आयुर्वेद में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। सामान्य तौर पर दूध मधुर, चिकना, ओज एवं रस आदि धातुओं को बढ़ाने वाला, वात-पित्त कम करने वाला, वीर्य को बढ़ाने वाला, कफकारक, भारी और शीतल होता है। देशी गाय का सुबह-सवेरे निकाला गया दूध भारी व अधिक शीतल होता है। इसका पाचन थोड़ी देर से होता है और इससे कब्ज भी होती है। डायरिया रोगी को सुबह-सुबह गाय का दूध पिलाना बेहद फायदेमंद होता है। शाम को निकाला गया दूध सारक होता है। यह कब्ज के रोगियाें के लिए भी फायदेमंद होता है और इसका पाचन बेहद आसानी से हो जाता है। दूध को उबाल देने से इसका भारीपन कम हो जाता है, जिसे पीने पर नुकसान भी नहीं करता। वहीं दूध को ज्यादा देर तक उबाल दिया जाए तो भी यह भारी हो जाता है। इसलिए इसे बहुत अधिक उबाल कर नहीं पीना चाहिए।
Cow Milk Vs Buffalo Milk For Babies
छोटे बच्चों के पिने के लिए लिए गाय और भैंस के दूध से भी बेहतर पाउडर मिल्क को बताया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि गाय या भैंस के दूध में मिलावट की आशंका बनी रहती है। यदि आप अपने सामने ही निकाला गया भैंस या गाय का दूध बच्चे को पिलाते हैं तो अच्छा है। वैसे बच्चों के लिए गाय का दूध गुणकारी बताया गया होता है। गाय का दूध भैंस के दूध की तुलना में बच्चों के लिए हल्का बताया जाता है। गाय के दूध में भैंस के दूध के मुकाबले फैट कम होता है। गाय के 100 मिली दूध में मां के दूध जितनी ही कैलोरी होती है। वैसे तो शिशु को एक वर्ष तक मां का दूध ही पिलाना चाहिए। मां के दूध से बेहतर कोई नहीं है। यदि किन्ही कारणों से मां का दूध बच्चे को नहीं पिलाया जा रहा है तो ऐसी स्थिति में बच्चों के लिए फॉर्मूला ट्रिक काम में ले सकते हैं।
Benefits Of Goat Milk Formula For Babies
बच्चे को जन्म से 6 महीने तक सिर्फ मां का ही दूध पिलाया जाता है। इसके बाद माँ के दूध के अतिरिक्त गाय या भैंस के दूध को भी पिलाने में लिया जाता है। गाय और भैंस के अतिरिक्त किसी अन्य पशु का दूध बच्चों को पिलाने के काम में नहीं लिया जाता। लेकिन बहुत से लोगों का और चिकित्सकों का भी मानना है कि गाय या भैंस के अलावा यदि किसी अन्य पशु का दूध बच्चे को पिलाया जा सकता है तो वे बकरी का दूध पिला सकते हैं। बकरी का दूध हल्का होने के साथ ही यह पौष्टिक भी होता है। बकरी ही एकमात्र ऐसा जानवर है जो खाने में सबकुछ हजम कर सकती है। बकरी द्वारा खाई जाने वाली औषधि के गुण भी दूध में उतरते हैं।
Web Title: World Milk Day 2021: best animal milk for human consumption
Published on:
01 Jun 2021 09:57 am
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