
पांच करोड़ नौकरियां कोरोना वायरस के चलते होंगी प्रभावित
नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) ने आज दुनिया के 192 देशों में फैल चुका है। अधिकतर देशों ने इससे निपटने के लिए लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए हैं तो शट-डाउन और लॉक-डाउन का सिलसिला भी जारी है। कोरोना वायरस के चलते सबसे ज्यादा असर उद्योग धंधों पर ही पड़ रहा है। भारत जैसे विकासशील देशों में दिहाड़ी मजदूरों और कंपनियां में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है। कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले उद्योगों में पर्यटन विभाग भी है। हाल ही विश्व पर्यटन समूह (वल्र्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल या डब्ल्यूटीटीसी) ने अनुमानित आंकड़ों के आधार पर दुनिया भर में कोरोना के चलते नौकरियों पर मंडरा रहे खतरों के बारे में अपने निष्कर्ष जारी किए हैं। इस प्रभाव को कम करने के लिए संगठन ने एक बहुस्तरीय रणनीति का प्रस्ताव भी रखा जो एक साझा लक्ष्य पर निजी उद्योगों और सरकारों को एकजुट करेगा।
दरअसल डब्ल्यूटीटीसी निजी पर्यटन उद्योग का प्रतिनिधित्व करता है और दुनिया भर की 200 से अधिक ट्रैवल और टूरिज्म कंपनी के साथ जुड़ा हुआ है। संगठन ने कहा कि इस महामारी के चलते दुनिया भर में 5 करोड़ (50 मिलियन) नौकरियां प्रभावित होने का अनुमान है। संगठन का मानना है कि कोरोना संकट जब तक खत्म होगा यह उद्योग में लगभग 12 से 14 प्रतिशत नुकसान का कारण बन सकता है। इस साल अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर गिरावट और खर्च और नौकरियों से जुड़े आंकड़ों को देखते हुए डब्ल्यूटीटीसी इस आकलन पर पहुंची। काउंसिल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्लोरिया ग्वेरा ने बताया कि महामारी का वैश्विक प्रभाव होने के कारण नुकसान भी ज्यादा है। खासकर इटली और एशिया में पर्यटन उद्योग को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा।
Published on:
24 Mar 2020 01:03 am
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