
कोरोना से जिस चीनी डॉ की स्किन पड़ गयी थी काली, वो 4 महीने बाद हारा कोरोना से जंग
कोरोना के कारण लीवर के खराब होने से त्वचा का रंग काला पड़ जाने से दुनिया भर में मशहूर हुए वुहान के सेंट्रल अस्पताल में यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर हू वीफेन्ग की कोरोना से चार महीने लंबी जंग के बाद मंगलवार को मौत हो गई। कोरोना के कारण मरने वाले इस अस्पताल के वे छठे डॉक्टर हैं। चीन में उन्हें और उनके साथी कर्डियोलॉजिस्ट यी फैन को 'काले चेहरों वाले वुहान के डॉक्टर' कहा जाने लगा था। लोग उन्हें हीरो का दर्जा देते थे। गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस के बारे में खुलासा करने वाली व्हिसलब्लोअर डॉक्टर ली वेनलियान्ग की टीम में शामिल थे। हू वीफेन्ग लगभग चार महीने से कोरोना संक्रमण से जूझ रहे थे। हालांकि बीते दिनों खबर आई थी कि अब उनकी हालत ठीक है और उनका वेंटिलेटर हटा दिया गया है।
त्वचा काली पड़ी तो वायरल हो गई फोटो
कोरोना के मरीजों का इलाज करने के दौरान दो डॉक्टर यी फैन और हू वीफेन्ग इस महामारी से संक्रमित हुए। कोविड-19 की वजह से इन डॉक्टर के लिवर खराब हो गए थे जिसका बहुत ही अजीब असर इनकी त्वचा पर हुआ। दोनों डॉक्टर्स का इलाज करने वाले एक अन्य चीनी डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टर हू वीफेन्ग और यी फैन की त्वचा में यह बदलाव एक हार्मोनल असंतुलन और संक्रमण के उपचार के दौरान दी गई दवाओं से हुआ था। हालांकि त्वचा का रंग बदलना कथित रूप से अस्थायी था, क्योंकि कुछ दिनों बाद ही त्वचा का रंग फिर से सामान्य होने लगा था। कोरोना के कारण मरने वाले इस अस्पताल के वे छठे डॉक्टर हैं। उनकी मौत से लोगों में गुस्सा है।
Published on:
03 Jun 2020 11:57 pm
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