12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जैसा आपका बिस्तर होगा वैसा आपका दिमाग रहेगा, जानें इस बारे में

सुबह बिस्तर की जो स्थिति होती है, वही हमारे दिमाग की होती है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Vikas Gupta

Aug 22, 2020

जैसा आपका बिस्तर होगा वैसा आपका दिमाग रहेगा, जानें इस बारे में

Your bed tells your health

दी पावर ऑफ हैबिट किताब के लेखक चाल्र्स डुहिग का कहना है कि रोज सुबह अपने बिस्तर को ठीक ढंग से साफ करने और तकिए, चादर आदि करीने से समेट कर रखने से व्यक्ति की प्रोडक्टिविटी में इजाफा होता है। बजट के मुताबिक चलने का कौशल बढ़ता है और खुशी का अहसास होता है।

की-स्टोन हैबिट: बिस्तर समेटना एक 'की-स्टोन हैबिट' है। ऐसी आदतें बचपन से ही विकसित कर लेनी चाहिए। इससे दूसरी अच्छी आदतें और संस्कार विकसित करने में काफी मदद मिलती है। घर का माहौल भी व्यवस्थित रहता है। आपको काम करते देख घर के दूसरे सदस्य भी काम करने के लिए प्रेरित होते हैं।
जैसा बिस्तर वैसा दिमाग-
'हैंड वाश कोल्ड' एवं 'मम्मा जोन' की लेखक केरन मिलर कहती हैं कि सुबह बिस्तर की जो स्थिति होती है, वही हमारे दिमाग की होती है। जब हम अपने बिस्तर को बेतरतीब और फैला हुआ छोड़ देते हैं, तो दिन की शुरुआत सुस्त हो जाती है। लेकिन सुबह बिस्तर करीने से समेटने और सजाने से सुस्ती दूर होकर काम करने की एनर्जी और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है।