
ये मछलियां करती हैं जीका वायरस का खात्मा, आप भी एेसे कर सकते हैं राेकथाम
एडिस मच्छर के काटने से हाेने वाला जीका वायरस भारत में भी अपने पैर पसारता जा रहा है। अभी तक इसके उपचार के लिए काेर्इ वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लेकिन यदि सावधानी रखी जाएं ताे काफी हद तक जीका वायरस काे फैलने से राेका जा सकता है। ताे आइए जानते हैं जीका वायरस की राेकथाम के लिए क्या करें, क्या न करें :-
क्या करें :
मच्छराें के प्रजनन को राेकने /नियंत्रित करने के लिए -
- पानी के सभी टैंकाें अाैर डिब्बाें को टाइट ढक्कनाें से ढक कर रखें।
- प्रयोग में न आने वाले सभी डिब्बाें, कूड़ा-कर्कट, टायराें, नारियल के खाेलाें आदि का निपटारा कर दें अाैर नष्ट कर दें।
- डेजर्ट कूलराें को प्रत्येक सप्ताह खाली करें, रगडें अाैर सुखाएं ।
- घराें अाैर होटलाें में अाेर्नामेंटल टैंकाें में लार्वा खाने वाली मछलियां रखें।
- सभी कंटेनराें जिनमें पानी भरा जाता है, जैसे चिड़ियों के पानी के बर्तन, फूलदान, चींटियाें को पकड़ने वाला जाल आदि को सप्ताह में एक दिन खाली करके सुखाएं।
व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए
- डेंगू/जीका वायरस बुखार के दाैरान मच्छराें के काटने से बचने के लिए घर तथा अस्पतालाें में मच्छरदानी का प्रयोग करें ताकि रोग का संचरण न हो सके।
- दिन के समय मच्छराें के काटने से बचने के लिए पूरी बांह के कपडे पहनें अाैर मच्छराें से बचाने वाली क्रीम का प्रयोग करें।
बुखार को नियंत्रित रखने के लिए
- बुखार के लिए पैरासिटामोल का प्रयोग करें।
क्या न करें
- अपने घराें के आस पास कूलराें , बाल्टियाें, सुराहियाें, फूलदानाें, पक्षियाें के बर्तनाें, फ्रीज की ट्रे, नारियल के खाेलाें आदि में पानी एकत्र न हाेने दें।
- टूटे हुए बर्तनाें , बेकार बाेतलाें, डिब्बाें, पुराने टायराें एवं अन्य खराब सामान को इधर उधर न फेंकें क्योंकि बारिश के दाैरान एेसी चीजाें में ही एडिस मच्छर पनपते हैं।
- बुखार के उपचार के लिए एस्पिरिन का प्रयोग न करें।
- जीका वायरस रोग के लिए कोर्इ विशिष्ट दवा नहीं है। स्वयं उपचार करने से बचें अाैर चिकित्सक से सलाह लें।
Updated on:
13 Oct 2018 12:22 pm
Published on:
12 Oct 2018 05:34 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
