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हमारी तीन पीढिय़ों ने किया वाजपेयी के साथ काम:हुड्डा

हुड्डा व अटल जी राजनीतिक तौर पर बेशक, अलग-अलग दलों में थे, लेकिन वाजपेयी के साथ हुड्डा परिवार के राजनीतिक संबंध काफी गहरे रहे
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हिसार

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Prateek Saini

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Updated: 17 Aug 2018, 8:06 PM IST

(हरियाणा): हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके परिवार की तीन पीढिय़ों को स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ काम करने का मौका मिला है। राजनीतिक तौर पर बेशक, अलग-अलग दलों में थे, लेकिन वाजपेयी के साथ हुड्डा परिवार के राजनीतिक संबंध काफी गहरे रहे। संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे स्व़ रणबीर सिंह हुड्डा से लेकर अब रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा तक ने वाजपेयी के साथ संसद में समय बिताया है।


मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि वह पहली बार 1991 में रोहतक से सांसद चुने गए थे। इससे पहले उनके पिता स्व.रणबीर हुड्डा सांसद रहे। 1991 में सांसद बनने के बाद 1992 में वे एक बार अपने पिता के साथ पार्लियामेंट सेंट्रल हॉल में बैठे थे। इसी दौरान अटल बिहारी वाजपेयी वहां आए। पिता के साथ पुराने संबंध होने के नाते उनका हालचाल जानने के लिए वह वहां रुके। घर-परिवार के साथ राजनीतिक बातचीत के बाद जब पिताजी ने मेरा परिचय वाजपेयी जी से कराया तो वे अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुरा दिए। इसके बाद वह बोले कि चौधरी साहब, आपके साथ भी काम करने का अनुभव है और अब आपके बेटे के साथ भी काम करने का मौका मिलेगा। साथ ही, हंसते हुए कहने लगे, एक दिन आपके पोते के साथ भी संसद में काम करने का मौका मिलेगा। पूर्व सीएम ने कहा, उस समय तो दीपेंद्र सातवीं-आठवीं में पढ़ता था। उसको राजनीति में लाने का दूर-दूर तक कोई इरादा नहीं था। लेकिन यह संयोग था कि 2005 में दीपेंद्र भी रोहतक से सांसद बना और उस समय उसने भी वाजपेयी जी के साथ संसद में काम किया।

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