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कर्मचारियों का नियमन रद्य होने के मामले पर यह बोले सीएम मनोहर लाल खट्टर!

मुख्यमंत्री ने रोहतक में कहा कि सरकार को हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित हुए साढ़े चार हजार से अधिक कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता है...

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manohar lal khattar

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(रोहतक): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ किया है कि हाल में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पिछली कांग्रेस सरकार की नियमन नीतियां रद्द करने से प्रभावित कर्मचारियों को फिर से नियमित करने के मुद्दे पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार कदम उठाए जाएगे।


मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने रोहतक में कहा कि सरकार को हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित हुए साढ़े चार हजार से अधिक कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता है। एक बार नियमन होने के बाद जब जिंदगी आगे बढाने का फैसला कर लिया गया और फिर यदि अचानक कोई फैसले पर रोक लगाती है तो यह बडी संकट की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक बार नीति बनाकर नियमन का अवसर दिया था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार ने 2011 के अलावा 2014 में तीन नीतियां बनाकर कर्मचारियों का नियमन किया। इस तरह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया। इससे पहले भी 1991 व 2000 में भी नियमन की नीतियां बनाई गईं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कोई कदम उठाएगी। फिर वह सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के अलावा अध्यादेश जारी करने जैसा कदम भी हो सकता है।

जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में वित्त मंत्री कैप्टेन अभिमन्यु के आवास पर आगजनी मामले में की गई गिरफ्तारियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला सीबीआई के हाथ में है। सीबीआई की जांच में कोई दखल नहीं है। सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर में नामजद लोगों के अलावा भी गिरफ्तारियां की हैं। इसका मतलब है कि सीबीआई ने सबूत जुटाए हैं। ऐसे मामले में दोषी लोगों को सजा मिलनी ही चाहिए।


हम चुनाव के लिए तैयार खट्टर

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि क्या दोनों चुनाव इस बार एक साथ हो पाएंगे लेकिन हम चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों चुनाव एक साथ कराने के लिए संविधान में संशोधन और सभी दलों को सहमत करने जैसे कदमों की जरूरत होगी। एक कथित पत्रकार द्वारा सवाल को लेकर बहस किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया का काम बहस करने के बजाय सिर्फ माध्यम का ही काम करना है।