
फरवरी में किया निकाह, लॉकडाउन के बाद दिया 3 तलाक, पीड़िता ने उठाई थी अत्याचार के खिलाफ आवाज
हिसार,यमुनानगर: केंद्र सरकार की ओर से तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाने के बाद भी हालात अभी भी सुधरे नहीं है। दहेज और शारीरिक प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने वाली एक महिला को तलाक—तलाक—तलाक कहकर घर से बाहर निकाल दिया गया। यह मामला हरियाणा के यमुनानगर जिले से सामने आया है।
जिले के एक गांव में रहने वाली एक महिला ने पति पर तीन तलाक देने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। सदर यमुनानगर पुलिस ने महिला के पति, सास, ससुर, ननद और देवर समेत 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
पीड़िता का जीना हुआ मुहाल...
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2020 में ही उसकी शादी हुई थी। उसने बताया कि शादी में लगभग 30 लाख रुपए खर्च किए गए थे। दहेज में उसे अल्टो कार दी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल वाले कुछ दिन बाद ही उसे परेशान करने लगे। उसे शादी में परिवार की ओर से छोटी गाड़ी देने के ताने भी दिए जाने लगे। पीड़िता ने जब यह बात अपने मायके में बताई तो उसके मजबूर पिता ने ससुराल वालों को 2 लाख रुपए और दे दिए। कुछ दिन तो ससुराल वालों का व्यवहार सही रहा लेकिन इसके बाद उन्होंने फिर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
अस्मत तक पहुंची बात...
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी सांस और ननद भी उसे प्रताड़ित करती थीं। वह कानून की छात्रा हैं उसकी सभी किताबों में आग लगा दी गई। हद तो तब हो गई जब पीड़िता के देवर ने उसका देह शोषणा करने की कोशिश की। पीड़िता का कहना है कि देवर की अश्लील हरकतों का जिक्र उसने पति के सामने किया तो वह उसे ही गलत ठहराने लगा। इसके बाद उसने तीन बार तलाक कहकर पीड़िता को घर से निकाल दिया।
Published on:
11 Jun 2020 09:41 pm
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