माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सबसे विश्वस्थ सहयोगी छोटा शकील की अब भारत लौटने की कोई इच्छा नहीं है। शकील के अनुसार उसके प्रस्ताव को भारत सरकार ने 1993 के मुंबई विस्फोट के बाद ठुकरा दिया था और अब भारत आने की उनकी कोई मंशा नहीं है।
शकील ने यह बात शुक्रवार को दिल्ली के एक अंग्रेजी अखबार को कराची से फोन पर दिए इंटरव्यू में कही है। शकील का कहना है कि भाई की राम जेठमलानी से इस बारे में बात भी हो गई थी। पर आपके मंत्रालय ने इस पर आपत्ति जता दी थी।
उधर, वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने भी कहा है कि जब वह लंदन में थे तो शकील ने उनसे कहा था कि वह और दाऊद सपर्मण के लिए तैयार हैं बशर्तें उन्हें प्रताडि़त न किया जाए। जेठमलानी ने कहा कि तत्कालीन महाराष्ट्र की शरद पवार सरकार ने इसे खारिज कर दिया था।
अखबार के अनुसार शकील ने छोटा राजन, आईपीएल आदि कई मुद्दों पर खुलकर बात की। शकील से जब खुफिया सूत्रों की इस जानकारी के बारे में पूछा गया कि दाऊद पिछले साल 16 सितंबर को शकील की पुत्री जोया के विवाह में भाग लेने जब आ रहा था तो उसको उड़ा देने की योजना थी, तो शकील इस पर भड़क उठा।
उसने कहा, आपको यह सब कौन बताता है? मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। सवाल वह करो जिसके जवाब मैं दूं आपको। वह न करो जिसका जवाब मैं न दूं।
आज तक जितनी भी ऐसी इनफॉरमेशन आई है...एजेंन्सी भी जानती है। ख्याली पुलाव हैं। सपने देखते हैं, वह वह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
छोटा राजन के बारे में उसने कहा कि जब खुफिया एजेन्सियां यह कहती है कि मैं उसके खिलाफ साजिश रच रहा हूं, वह जानती हैं कि छोटा राजन कहां हैं तो वे उसे पकड़ क्यों नहीं लेतीं। शकील ने इस बात की पुष्टि की कि वह राजन को मारने के लिए आस्ट्रेलिया तक पहुंच गया था, पर वह चूहे की तरह दुबक गया।