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आज का पंचांग 17 अक्टूबर 2018

आज का पंचांग 17 अक्टूबर 2018
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Oct 17, 2018

panchang

आज का पंचांग 17 अक्टूबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति आश्विन 25 शक संवत् 1940 आश्विन शुक्ल अष्टमी बुधवार विक्रम संवत् 2075। सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 1, सफर 7, हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 17 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। अष्टमी तिथि मध्याह्न 12 बजकर 50 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ, उत्तराषाढ़ नक्षत्र रात्रि 9 बजकर 28 मिनट तक उपरांत श्रवण नक्षत्र का आरंभ, सुकर्मा योग प्रातः 8 बजकर 45 मिनट तक उपरांत धृतिमान योग का आरंभ, बव करण मध्याह्न 12 बजकर 50 मिनट तक कौलव करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में श्रीमहादुर्गाष्टमी पर्व पर पूजन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा दिन रात मकर राशि पर संचार करेगा। आज ही सूर्य तुला राशि में सायं 6 बजकर 43 मिनट, कार्तिक संक्रान्ति, मुहूर्त 45, पुण्यकाल संक्रान्ति मध्याह्न 12 बजकर 19 मिनट बाद, श्रीदुर्गाष्टमी, महाष्टमी, सरस्वती बलिदान उत्तराषाढ़ नक्षत्र में, कांगड़ा व ज्वालामुखी (हिमाचल प्रदेश), आकाश-दीपदान प्रारंभ।

आज जन्म लिए बच्चों के नाम (भो, जा, जी, खी, खू) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से कोमल होंगे। प्रायः सद्विचारों के कलाप्रिय व यशस्वी होंगे। देशप्रेम की भावना से भरे होंगे। ऐसे जातक संघर्ष कर स्थापित होते है।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।