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आज का पंचांग 27 अक्टूबर 2018

आज का पंचांग 27 अक्टूबर 2018
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Oct 27, 2018

panchang

आज का पंचांग 27 अक्टूबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति कार्तिक 05, शक संवत् 1940 कार्तिक कृष्ण तृतीया शनिवार विक्रम संवत् 2075। सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 11, सफर 17 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 27 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, हेमंत ऋतु।

राहुकाल प्रातः 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। तृतीया तिथि सायं 6 बजकर 38 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ, कृतिका नक्षत्र प्रातः 8 बजकर 20 मिनट तक उपरांत रोहिणी नक्षत्र का आरंभ, वरीयान योग अर्धरात्रोत्तर 1 बजकर 16 मिनट तक उपरांत परिधि योग का आरंभ, वणिज करण प्रातः 7 बजकर 24 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में करवा चैथ का उद्यापन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा प्रातः 7 बजकर 24 मिनट से सायं 6 बजकर 38 मिनट तक, व्रत करवा-चौथ (करक-चतुर्थी) चन्द्रोदय 15, श्रीगणेश चतुर्थी, गुरू अनुराधा नक्षत्र के प्रथम चरण में रात्रि 11 बजकर 02 मिनट।

आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ए, ओ, वा, वी, वू) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से बलवान होंगे। इनमें विज्ञान विषय की गहरी समझ रहेगी। प्रायः वाचाल व विलासप्रिय होंगे। हमेशा साधन संपन्न रहेंगे। इनकी स्वयं का कार्य करने में रुची रहेगी।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।