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diwali 2017 पर यहां बड़े धमाके की तैयारी…किसी को नहीं पता कितना जोरदार होगा धमाका

इस दीपावली पर होने वाले धमाकों से कैसे बचें...जरूर पढ़ें
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होशंगाबाद

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Devendra Kumar Awadhiya

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Updated: 16 Oct 2017, 10:38 AM IST

Dangerous crackers in the market diwali 2017

Dangerous crackers in the market diwali 2017

होशंगाबाद। diwali 2017 को लेकर हर तरफ उत्साह है, हर कोई लक्ष्मीजी के आगमन की तैयारी में जुटा है। बाजार भी गुलजार है। इस बीच दीपावली पर होने वाले धमाके कितने जोरदार होंगे प्रशासन इनसे बेखबर है। जीहां इस दीपावली के लिए बाजार में रंग-बिरंगे पटाखों की दुकानें सज गई हैं, पटाखा बेचने के लिए व्यापारियों को प्रशासन की ओर से लाइसेंस भी जारी कर दिए गए हैं लेकिन बाजार में बिकने वाले पटाखों की क्षमता और तीव्रता के बारे में जानकारी नहीं है। पटाखों पर उनकी तीव्रता का भी उल्लेख नहीं है।

125 डिसीमल तक की अनुमति
विशेषज्ञों के मुताबिक अस्थमा से पीडि़त बुजुर्ग एवं हार्ट के मरीजों और गर्भवती महिलाओं में पटाखों का विपरीत असर पड़ता है। प्रदेश में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 125 डिसमल तक के पटाखे बेचने की अनुमति दी है, लेकिन यहां उससे ज्यादा तीव्रता के पटाखे बिक रहे हैं। पटाखे कितनी तीव्रता के हैं यह जानकारी भी पटाखों पर अंकित नहीं है। प्रशासन के पास भी पटाखों का शोर मापने कोई यंत्र शहर में उपलब्ध नहीं है।

300 लाइसेंस दिए
होशंगाबाद शहर, डोलरिया एवं बाबई में पटाखों के व्यवसाय के लिए करीब 300 लाइसेंस एसडीएम कार्यालय से जारी किए गए हैं। जिसमें होशंगाबाद में करीब 200 एवं डोलरिया में 25 एवं बाबई में करीब 50 लाइसेंसधारी विक्रेता हैं। इनमें गोदाम वाले भी शामिल हैं, लेकिन तय स्थान गुप्ता ग्राउंड के पटाखा बाजार के अलावा भी बीच बाजार एवं दुकानों से भी पटाखों की धड़ल्ले से हो रही है।

होशंगाबाद में पटाखा की तीव्रता मापने का कोई यंत्र नहीं है। जरुरत पडऩे पर राज्य मुख्यालय से इस तरह के यंत्र मंगवाकर जांच की जाएगी। फिलहाल पटाखा कारोबारियों को कम तीव्रता के पटाखा बेचने की समझाइश दी गई है।
मनोज उपाध्याय, एसडीएम होशंगाबाद

यह रखें सावधानी
- बेहद नजदीक से या हाथ मेें पकड़कर पटाखों को न जलाएं।
- पटाखा न जलने पर तुरंत उसके पास न जाएं। हो सकता है वह अचानक फट जाए।
- शोर की तीव्रता कम करने के लिए ईयरप्लग या ईयर मफ्स का प्रयोग करें।
- शराब आदि पीकर पटाखे न जलाएं। ऐसे में कई बार हादसे हो जाते हैं।
- बहुत तेज शोर करने वाले पटाखों और बमों से बचें।
- माता-पिता की निगरानी में ही बच्चे पटाखे जलाएं और बुजुर्ग व गर्भवती महिलाएं पटाखों से दूरी बनाएं।
- पटाखों की आवाज से यदि कान सुन्न होने, कम सुनने, सीटी बजने जैसी आवाज महसूस हो तो देर किए बिना चिकित्सक से संपर्क करें। इन परेशानियों में इलाज के लिए शुरुआती 24 घंटे प्रभावी होते हैं।