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60 साल की इस महिला के कारनामे सुन नौजवानों को भी आ जाएगी शर्म, इलाके में चलता है इनके नाम का सिक्का

रूढ़िवादिता के चलते वो कक्षा 8 तक ही पढ़ सकीं। समाज में अपना एक स्थान बनाना चाहती थी...

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Priya Singh

May 12, 2018

60 years old lady farmer known as kinnu queen in punjab

नई दिल्ली। 60 वर्षीय महिला किसान कर्मजीत कौर पूरे पंजाब में 'किन्‍नू क्वीन' के नाम से मशहूर हैं। उन्हें यह उपाधि पंजाब के तत्‍कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने दी थी। अपनी मेहनत की बदौलत उन्होंने यह मुकाम हासिल किया और आज भी वह 45 एकड़ जमीन पर मेहनत से खेती कर रही हैं। साल 1977 में सरदार जसबीर सिंह दानेयाला से शादी हुई थी। तब सुसराल पक्ष से मिली हुई 45 एकड़ जमीन थी। उस जमीन का कोई खास इस्तेमाल नहीं हो रहा था। उन्‍होंने कहा, मैंने इस जमीन पर खुद खेती करने के बारे में सोचा। 1979 में सबसे पहले चार एकड़ में किन्‍नू के बाग लगाए। उसके बाद बस मेहनत थी जो रंग लाती गई।

आपको बता दें, कर्मजीत कौर को किन्‍नू जो की संतरा की एक प्रजाति का फल है की बेहतर पैदावार के लिए किन्‍नू क्वीन के नाम से बुलाया जाता है। यादों को ताजा करते हुए कर्मजीत कौर बताती हैं कि मायका परिवार राजस्थान से था और संपन्न भी था। सामाजिक रूढ़िवादिता के चलते वो कक्षा 8 तक ही पढ़ सकीं। समाज में अपना एक स्थान बनाना चाहती थी, लेकिन कम पढ़ी-लिखी थी सो कृषि की राह अपनाई।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब 23 एकड़ जमीन पर उन्होंने किन्‍नू के बाग लगाए हैं। 7 एकड़ जमीन पर आड़ू, आलू-बुखारा, बबूगोशा, नाशपाती, जामुन, अमरूद, खजूर, गेहूं, मक्की, सरसों व सब्जियों की खेती करती हूं। बकौल कर्मजीत कौर, अबोहर के बागवानी विभाग और पीएयू के डॉ.एचएस धालीवाल व अन्य कृषि वैज्ञानिकों की राय लेकर काम किया तो वर्ष 2001 में मेरे कीनू के बाग पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गए। मेरे बागों में किन्‍नू की उपज प्रति एकड़ 200 क्विंटल तक होता है। इस उपलब्धि के लिए कनाडा व अमेरिका सहित अन्य देशों में अंतरराष्ट्रीय अवार्ड मिले हैं। भारत सरकार व पंजाब सरकार ने भी कर्मजीत कौर को सम्मानित किया है। सफलता मिलने के बाद अब वही लोग उनसे किन्‍नू व अन्य फलों की खेती संबंधी सलाह लेने आते हैं। और पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से भी व्यापारी फलों की खरीदारी करने उनके बाग तक आते हैं।