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सावधान! आने वाले सालों में इस छोटी-सी नासमझी के कारण 60 करोड़ बच्चों की हो जायेगी मौत!

रिपोर्ट ने चेतावनी दी थी कि साल 2040 तक दुनिया के हर चार बच्चों में से एक बच्चा बहुत ही सीमित जल संसाधन वाले क्षेत्रों में रहेगा।

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600 million children will face death caused by acute water crisis 2040

सावधान! आने वाले सालों में इस छोटी-सी नासमझी के कारण 60 करोड़ बच्चों की हो जायेगी मौत!

नई दिल्ली। जल संरक्षण हमारे लिए कितना ज़रूरी है आप इसका अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते। कई लोग तो ऐसे हैं जो जल के न होने से भविष्य में होने वाली परशानी से वाकिफ हैं लेकिन फिर भी वो पानी का अनायास इस्तेमाल करते हैं। यह हमारी आदतों में शुमार है कि जब तक सब कुछ गायब होने की कगार पर नहीं आता तब तक हम उन संसाधनों का जम कर फायदा उठाते हैं। UNICEF यानी संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन निधि (यूनिसेफ) की एक रिपोर्ट ने चेतावनी दी थी कि साल 2040 तक दुनिया के हर चार बच्चों में से एक बच्चा बहुत ही सीमित जल संसाधन वाले क्षेत्रों में रहेगा। इस लिहाज से साल 2040 आसपास आने वाला यह जल संकट मानवता के इतिहास में कभी भी देखे गए संकट की तुलना में कहीं अधिक होगा। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि रिपोर्ट गया है कि, बढ़ती वैश्विक आबादी, जल की मांग में बढ़ोतरी, समुद्र के घटते स्तर में बढ़ोतरी और सूखे की आसन्न खतरों की झलक दुनिया के करोड़ों बच्चों के जीवन में सूखा ले आएगी।

इसमें कोई दो राय नहीं कि, साफ पानी न मिलने के कारण बच्चे के स्वास्थ्य से लेकर उनकी शिक्षा तक और उनकी सुरक्षा प्रभावित होती है। पृथ्वी पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपलब्ध पानी की मात्रा में खुद ब खुद 50 प्रतिशत की कटौती हो जायेगी। यह मानव प्रजाति के लिए खतरे का सबसे बड़ा अलार्म है। सुरक्षित पानी की पहुंच के बिना बच्चों की बचपन में मौत होने की संभावना हैं और बचपन में साफ़ पानी न मिल पाने के कारण पानी से उत्पन्न बैक्टीरिया के कारण होने वाले बीमारियों से बच्चे दिमागी रूप से भी बीमार हो सकते हैं क्योंकि बच्चों के छोटे शरीर अधिक संवेदनशील होते हैं। इस लिहाज से जल को देशीय वृक्ष-रोपण कर तथा आदतों में बदलाव लाकर भी संचित किया जा सकता है, मसलन- झरनों को छोटा करना तथा ब्रश करते वक़्त पानी का नल खुला न छोड़ना आदि।