27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

​पिता के इलाज के लिए दिव्यांग लड़की बनीं आटो ड्राइवर, लोग कर रहें तारीफ

Disabled FEmale auto driver : पोलियो के चलते बचपन में काटना पड़ा था दाहिना पैर

less than 1 minute read
Google source verification
Disabled FEmale auto driver

Disabled FEmale auto driver

नई दिल्ली। लोग बेटे की चाहत रखते हैं क्योंकि उन्हें बुढ़ापे की लाठी माना जाता है। मगर बेटी बेटों से कम नहीं होती, ये बात अहमदाबाद की 35 वर्षीय अंकिता शाह ने साबित कर दी है। वो भले ही पोलियो के चलते ठीक से चल नहीं पाती हो मगर उनके जज्बे के सामने बड़े-बड़े लोगों के हौंसले पस्त हो जाएंगे। दरअसल वो अपने कैंसर पीड़ित पिता के इलाज के लिए आटो चलाने का काम करती हैं।

अंकिता के मुताबिक बचपन में पोलि‍यो की वजह से उनका दायां पैर काटना पड़ा था। इसके बावजूद वह पिछल से अपने कैंसर पीड़ित पिता के इलाज के लिए ऑटो रिक्शा चला रही हैं। वो अहमदाबाद की पहली दिव्यांग ऑटो रिक्शावाली हैं! इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट अंकिता पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। वो साल 2012 में अहमादाबाद आईं और एक कॉल सेंटर में नौकरी करने लगीं, लेकिन पीड़ित पिता की देखभाल के लिए लंबे समय तक नौकरी करना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने नौकरी छोड़कर आटो चलाने का फैसला किया।

अंकिता बताती हैं, ’12 घंटे की शिफ्ट में मुझे मुश्किल से 12,000 रुपये मिलते थे। जब पता चला कि पिताजी को कैंसर है तो मुझे उनके इलाज के लिए बार-बार अहमदाबाद जाना पड़ता और छुट्टियां मिलने में दिक्कत होती है ऐसे में उन्होंने अपना काम करने का मन बनाया। इस काम में उनके एक दोस्त ने उनकी मदद की।