
Spy
नई दिल्ली। हर देश को अपने जासूसों ( Spy ) पर बड़ा गर्व होता है। जासूसी की दुनिया का काम ही ऐसा होता है कि खतरों से खेलते हर जासूूूस को गुपचुप तरीकों से अपने काम को अंजाम तक पहुंचाना होता है और अगर इसमें थोड़ी भी चूक हुई तो न सिर्फ उसकी जान जा सकती है बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक होने का भी डर रहता है।
अमूमन हर देश में दूसरे देशों के जासूस भरे पड़े हैं, लेकिन उनकी पहचान करना काफी मुश्किल होता है। हालांकि कभी-कभी कुछ जासूस उस देश की खुफिया एजेंसियों के राडार में आ जाते हैं, जिसके बाद उन्हें मार दिया जाता है या जिंदगी भर के लिए कैद कर लिया जाता है।
पश्चिमी देशों में संदिग्ध शख्स या दुश्मन देश के जासूस पर हमला करने से पहले खास एक सॉफ्टवेयर के जरिए उसकी पहचान की जाती है। यह सॉफ्टवेयर उस व्यक्ति की पहचान करता है। लेकिन इसमें इस बात का डर बना रहता है कि सॉफ्टवेयर से की गई पहचान पूरी तरह पुख्ता है कि नहीं।
इसी को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ( America ) की स्पेशल ऑपरेशन कमांड ( soc ) ने एक नए सिस्टम का इस्तेमाल शुरू किया है, इसकी खासियत यह है कि इस सिस्टम का उपयोग कर लगभग 200 मीटर की दूरी से किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन से उसकी पहचान की जा सकती है कि वो जासूस है या नहीं।
इस नए सिस्टम जेटसन ( Jetson ) को प्रतिरक्षा विभाग की एजेंसी कॉम्बेटिंग टेरोरिज्म टेक्निकल सपोर्ट ऑफिस ( cttso ) ने विकसित किया है। सॉफ्टवेयर बनाने वाली ने इस सिस्टम को हार्टप्रिंट ( Heartprint ) नाम दिया है। यह संदिग्ध व्यक्ति के कपड़ों पर उसके दिल की धड़कन की हलचल रिकॉर्ड करता है।
इसके लिए वो लेजर वाइब्रोमीटर गैजेट का इस्तेमाल करता है। इसमें लगा लेजर बीम इंसान की हर बारीक से बारीक गतिविधि पर भी बेहद करीब से नज़र रख उसकी पहचान करता है। लेजर बीम इंफ्रारेड ( infrared ) होने की वजह से इन्हें आंखों से देख पाना भी संभव नहीं है।
Published on:
27 Jan 2020 07:41 am
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