23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इजरायल की खूफिया एजेंसी के हाथ लगी ये 50 साल पुरानी ‘मशीन’, पूरा मामला जान दंग रह जाएंगे आप

इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपने जासूस की 50 साल पुरानी घड़ी को ढूंढ निकाला है इस बात की पुष्टि खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की है।

2 min read
Google source verification

image

Priya Singh

Jul 10, 2018

After 50 years Israel recovers watch of 1960s spy Eli Cohen from Spain

इजरायल की खूफिया एजेंसी के हाथ लगी ये 50 साल पुरानी 'मशीन', पूरा मामला जान दंग रह जाएंगे आप

नई दिल्ली। राष्ट्रीय हीरो माने जाने वाले मशहूर इजरायली जासूस एली कोहेन के सीरिया में पकड़े जाने और सरेआम फांसी पर लटकाए जाने के करीब 50 साल बाद उनकी घड़ी मिली है। जानकारी के लिए बता दें कि, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने अपने जासूस की 50 साल पुरानी घड़ी को ढूंढ निकाला है इस बात की पुष्टि खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की है। एली कोहेन ने देश को सुरक्षित बनाए रखने में अहम योगदान दिया था। नेतन्याहू ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि, 'मैं मोसाद के लड़ाकों के दृढ़ और साहसिक अभियान की प्रशंसा करता हूं।'

अंदर तक झकझोर कर रख देगी मुंबई की ये फोटो, जिसने देखा आंख में आ गए आंसू

israel recovers watch of 1960s spy Eli Cohen from Spain" src="https://new-img.patrika.com/upload/2018/07/10/naq_3080065-m.jpg">

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोसाद ने कहा कि इस घड़ी को फिलहाल मोसाद मुख्यालय में डिस्प्ले के लिए रखा गया है। हालांकि, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई कि कोहेन की घड़ी उन्हें कहां और किस हाल में मिली। मिस्र में जन्मे कोहेन 1960 के दशक में मोसाद में भर्ती हुए थे। फिर अरब जगत की खुफिया जानकारियां जुटाने के लिए वह सीरिया चले गए। कहा जाता है कि उनकी खुफिया जानकारियां ही 1967 अरब इजरायल युद्ध में इजरायल की जीत का कारण बनी थीं। हालांकि, सीरियाई सुरक्षा अधिकारियों ने 1964 में उनकी सच्चाई जान ली थी इसके बाद 18 मई 1965 को कोहेन को फांसी पर लटका दिया गया था। फांसी के बाद सीरिया ने उनसे जुड़े सामान और शव को गुप्त स्थान पर रख दिया गया था। उस समय अंडरकवर एजेंट रहते हुए सीरिया की सरकार और आर्मी के साथ उन्होंने काम किया कई महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करते हुए उन्होंने अपने देश की रक्षा की थी। बता दें कि, 18 मई 1965 को उन्हें दमिश्क में फांसी दी गई। कोहेन की याद में इजरायल में कई स्मारक और गलियां भी बनाई गईं हैं। कोहेन को इजरायल में राष्ट्रीय हीरो का दर्जा मिला है।

spy eli cohen from Spain" src="https://new-img.patrika.com/upload/2018/07/10/naqs_3080065-m.jpg">