
Architect Chandrakant Sompura Who Designed Ram Temple
नई दिल्ली। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi) के प्रस्तावित नए मंदिर की अंतिम डिजाइन फाइनल हो गयी है। ट्रस्ट ने मंदिर का नाम भी तय कर दिया है। इसे श्रीरामजन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi) कहा जाएगा। मंदिर का नाम अग्रभाग में सिंह द्वार पर अंकित होगा। मंदिर का निर्माण एक हजार साल की उम्र को ध्यान में रखकर किया जाएगा। निर्माण कंपनी एलएंडटी और एनबीसीसी ने फिलहाल अभी नींव पर अपना ध्यान केंद्रित रखा है। कारसेवक पुरम से शिलान्यास के पहले पत्थर को लाया जा चुका है। इसकी साफ-सफाई की जा रही है। इस भव्य मंदिर के डिजाइन का काम चंद्रकांत सोमपुरा (Chandrakant Sompura) ने किया है। साल 1987 में भी राम मंदिर का नक्शा वास्तुविद चंद्रकांत सोमपुरा(Chandrakant Sompura) ने ही तैयार किया था।
कौन हैं चंद्रकांत सोमपुरा (Chandrakant Sompura)?
चंद्रकांत सोमपुरा (Chandrakant Sompura), वास्तुकला का जानकार प्रभाकर सोमपुरा (Prabhakar Sompura)के बेटे हैं। सोमपुरा परिवार सालों से मंदिर के निर्माण का काम करता आ रहा है। गुजरात से ताल्लुक रखने वाला सोमपुरा परिवार (Sompura family) इसी नागर शैली के मंदिरों की वास्तुकला का जानकार माना जाता है। ये पूरा परिवार ही नागर शैली के मंदिर बनाने में महारत रखता है। गुजरात का ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर और मथुरा के कृष्ण मंदिर डिजाइन भी चंद्रकांत (Chandrakant Sompura) के पिता प्रभाकर सोमपुरा (Prabhakar Sompura) ने तैयार किया था।
सोमपुरा परिवार (Sompura family) के सभी लोग मंदिर निर्माण के काम से जुड़े हुए हैं और देश-विदेश में हिंदू मंदिरों का नक्शा बना रहे हैं। लंदन के प्रसिद्ध अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदि (Shree Aksharpurushottam Swaminarayan Mandir ) र का नक्शा भी चंद्रकांत ने ही तैयार किया था। 79 साल के चंद्रकांत सोमपुरा ने नागर शैली के 131 मंदिर देश-विदेश में बनवाए हैं।
चंद्रकांत (Chandrakant Sompura) की सबसे अनोखी बात ये है कि इनके पास वास्तुकला की कोई औपचारिक डिग्री नहीं है। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में चंद्रकांत ने कहा था कि मैंने जो भी सीखा, अपने पिता से ही सीखा.। उन्होंने अपने बारे में में बताया था कि कि उन्हें मंदिर का वास्तुविद कहलाना पसंद है।
बन रहा है राम मंदिर
चंद्रकांत सोमपुरा (Chandrakant Sompura) के मुताबिक पत्थरों पर नक्काशी का 40 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। ऐसे में मंदिर निर्माण लगभग 2 से ढाई साल में पूरा हो जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर में सोमपुरा के सुझाए मॉडल में थोड़ा बदलाव किया गया है। प्रस्तावित मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा और इसमें तीन की जगह पांच शिखर होंगे। हालांकि मंदिर के नक्शे में मौलिक रुप से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा। पूरा मंदिर सिर्फ पत्थरों से निर्मित होगा। भूतल मिलाकर राम मंदिर तीन मंजिल का होगा। भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल। नए मॉडल के मुताबिक राम मंदिर 10 एकड़ में बनेगा। 57 एकड़ राम मंदिर परिसर के तौर पर विकसित होगा। राम मंदिर परिसर में नक्षत्र वाटिका बनेगी। 27 नक्षत्र के वृक्ष लगाए जाएंगे। नक्षत्र वाटिका में लोग अपने अपने जन्मदिन पर नक्षत्र के हिसाब से पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान लगा सकें।
Published on:
22 Jul 2020 03:52 pm
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